श्रीगंगानगर, राजस्थान। देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सामने आया है, जिसमें करीब ₹1,100 करोड़ की ठगी के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
श्रीगंगानगर साइबर पुलिस ने जांच के दौरान Sunil Nayak नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने फर्जी तरीके से मोबाइल SIM कार्ड उपलब्ध कराए और उन्हें विदेशी साइबर गिरोहों तक पहुंचाया।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी द्वारा लगभग 500 से अधिक SIM कार्ड अलग-अलग नामों पर हासिल किए गए, जिन्हें 300 से 500 रुपये प्रति SIM के हिसाब से बेचा गया और बाद में इन्हें Cambodia तक भेजा गया। रिपोर्ट में सामने आया कि सितंबर से नवंबर 2025 के बीच करीब 2,30,000 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई, जिनमें से लगभग 36,000 SIM कार्ड Cambodia में अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पर सक्रिय पाए गए।
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इन SIM कार्डों का उपयोग निवेश घोटाले, ट्रेडिंग फ्रॉड और WhatsApp कॉल आधारित ठगी में किया गया, जिससे भारतीय नागरिकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा है, जिसमें चार मलेशियाई नागरिकों को मास्टरमाइंड बताया गया है और उनके खिलाफ LOC जारी किया गया है। बताया जाता है कि Cambodia और आसपास के देशों में चल रहे कॉल सेंटरों के जरिए भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फंसाया जाता है और उनसे साइबर ठगी कराई जाती है। प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी नौकरी के जाल के जरिए लोगों को फंसाया जाता है।
जांच में यह भी सामने आया कि एक SIM कार्ड जिसका उपयोग Cyberabad, Telangana में 8.9 करोड़ रुपये की ठगी में किया गया था, वह भी इसी नेटवर्क से जुड़ा था।
इसके अलावा जांच एजेंसियों ने पाया कि लगभग 5,300 SIM कार्ड सीधे साइबर फ्रॉड गतिविधियों में उपयोग किए गए, जिससे कुल नुकसान ₹1,100 करोड़ से अधिक पहुंचा।
अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क डिजिटल पहचान के दुरुपयोग और फर्जी KYC के आधार पर चल रहा था, जिसमें स्थानीय स्तर पर SIM बेचने वाले एजेंटों की अहम भूमिका सामने आई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि फर्जी कॉल, निवेश स्कीम और नौकरी के ऑफर के जरिए लगातार ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
यह मामला भारत में तेजी से फैल रहे साइबर अपराध नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को उजागर करता है, जिसमें SIM कार्ड एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार Cambodia और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में सक्रिय कॉल सेंटर अब भारत को निशाना बना रहे हैं और डिजिटल फ्रॉड का बड़ा केंद्र बनते जा रहे हैं।
इस पूरे नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े होने के कारण जांच एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय कर रही हैं ताकि मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि SIM कार्ड की अवैध बिक्री और फर्जी KYC पर सख्त नियंत्रण नहीं होने तक ऐसे बड़े घोटाले जारी रह सकते हैं और आम लोगों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी Sunil Nayak को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने कितने और SIM कार्ड नेटवर्क को उपलब्ध कराए तथा किन-किन चैनलों के जरिए उन्हें Cambodia तक पहुंचाया गया। जांच अभी जारी है और कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
