गोरखपुर: फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक को विदेशी महिला के झांसे में लेकर ₹15 लाख 20 हजार 399 की कथित ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। खजनी क्षेत्र के खोरिया उर्फ भीती गांव निवासी इंद्रलाल जायसवाल का आरोप है कि फेसबुक पर चार्लोट ओलिविया नाम की महिला से उनकी दोस्ती हुई थी। महिला ने खुद को अमेरिका का निवासी और सीरिया में काम करने वाला बताया। बातचीत के दौरान उसने भारत घूमने की इच्छा जताई और बाद में दिल्ली पहुंचने का दावा करते हुए एयरपोर्ट पर अपना सामान रोके जाने की कहानी सुनाई। सामान छुड़ाने के लिए तत्काल रकम की जरूरत बताकर महिला ने युवक से अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान करा लिया। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर साइबर अपराध सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक से शुरू हुई बातचीत
पुलिस को दी गई तहरीर में इंद्रलाल जायसवाल ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उनकी पहचान चार्लोट ओलिविया नाम की महिला से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू होने के बाद महिला ने व्यक्तिगत जानकारी साझा की और भारत आने की इच्छा जताई। महिला ने कथित तौर पर बताया कि वह अमेरिका की रहने वाली है और वर्तमान में सीरिया में काम कर रही है।
लगातार बातचीत के कारण इंद्रलाल को महिला की बातों पर भरोसा हो गया। कुछ समय बाद महिला ने कथित तौर पर बताया कि वह भारत पहुंच चुकी है और दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद है। इसके बाद उसने अचानक परेशानी में होने की बात कहकर मदद मांगी।
एयरपोर्ट पर सामान रोके जाने का झांसा
महिला ने युवक को बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उसका सामान रोक लिया है और उसे छुड़ाने के लिए तत्काल भुगतान करना होगा। उसने अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर उनमें रुपये जमा करने को कहा। महिला की बातों पर विश्वास करते हुए इंद्रलाल ने अपने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते से YONO के माध्यम से रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
शिकायत के मुताबिक, अलग-अलग खातों में किए गए इन भुगतानों की कुल रकम ₹15 लाख 20 हजार 399 तक पहुंच गई। रकम भेजने के बाद भी महिला की ओर से लगातार और भुगतान की मांग किए जाने पर युवक को संदेह हुआ। जब उसे पूरे मामले में जालसाजी की आशंका हुई तो उसने पुलिस से संपर्क किया।
अलग-अलग खातों में पहुंची रकम
पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें पीड़ित ने रकम ट्रांसफर की थी। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि ये खाते किसके नाम पर हैं और उनमें जमा रकम बाद में किन खातों या माध्यमों से आगे भेजी गई। साइबर सेल लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाने के साथ उन मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों की भी जांच कर सकती है, जिनसे आरोपी महिला ने पीड़ित से संपर्क किया था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फेसबुक प्रोफाइल वास्तविक था या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके बनाया गया था। महिला द्वारा अमेरिका और सीरिया से जुड़े जो दावे किए गए, उनकी वास्तविकता की भी डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी।
अज्ञात महिला के खिलाफ FIR
प्रभारी निरीक्षक जयंत कुमार सिंह के अनुसार, शिकायत के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर अपराध सेल की सहायता से बैंक खातों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल है या इसके पीछे कोई संगठित साइबर ठगी गिरोह काम कर रहा है। बैंक खातों के लाभार्थियों, मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया गतिविधियों और रकम के अंतिम गंतव्य की पड़ताल से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
