मेरठ: दुबई में कंपनी खोलकर कारोबार करने और निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। सोमवार को मुजफ्फरनगर, सहारनपुर समेत कई जिलों से पहुंचे पीड़ित लिसाड़ी गेट के श्याम नगर निवासी सुहेल के घर पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि सुहेल ने दुबई में QFX नाम से कंपनी शुरू करने और उसमें निवेश कराने के नाम पर बड़ी रकम जुटाई। रकम वापस नहीं मिलने पर लोगों ने घर के बाहर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन और किसान सेना से जुड़े कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें दुबई में कारोबार शुरू करने, कंपनी से मुनाफा कमाने और निवेश की रकम को बढ़ाने का भरोसा दिया गया था। कई लोगों ने अपनी बचत और अन्य स्रोतों से रकम जुटाकर निवेश किया, लेकिन बाद में न तो कथित कारोबार शुरू हुआ और न ही निवेश की रकम वापस मिली। मामले का मुख्य घटनाक्रम मुजफ्फरनगर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां इस कथित नेटवर्क के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है।
भारी मुनाफे का दिया गया लालच
मुजफ्फरनगर निवासी कमर के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले लविश चौधरी ने उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि उसने QFX कंपनी में निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलने का भरोसा दिया। इसी दौरान सुहेल की भूमिका कंपनी के एजेंट के रूप में बताई गई। पीड़ित के मुताबिक, कंपनी और दुबई में प्रस्तावित कारोबार से जुड़ी जानकारी देकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया गया।
कमर का आरोप है कि लविश चौधरी और सुहेल ने मिलकर उनसे करीब ₹50 लाख लिए। उन्हें भरोसा था कि दुबई में कारोबार शुरू होने के बाद निवेश की रकम पर तय मुनाफा मिलेगा। हालांकि, समय बीतने के बाद भी कारोबार शुरू होने या रकम के इस्तेमाल से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। रकम वापस मांगने पर भी कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
कई जिलों के लोगों से रकम लेने का आरोप
पीड़ितों का दावा है कि कथित निवेश नेटवर्क का दायरा कई जिलों तक फैला हुआ था। गाजियाबाद निवासी रियाज, शाहनवाज, रिजवान, रिहान और नदीम समेत कई अन्य लोगों से भी निवेश के नाम पर बड़ी रकम लिए जाने का आरोप है। पीड़ितों के अनुसार, लोगों को बताया जाता था कि दुबई में कंपनी स्थापित कर कारोबार किया जाएगा और उससे होने वाले मुनाफे में निवेशकों को हिस्सा दिया जाएगा।
आरोप है कि इसी भरोसे पर बड़ी संख्या में लोगों ने रकम दी। बाद में जब निवेशकों ने कंपनी की स्थिति और अपने पैसे के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें टालने की कोशिश की गई। इसके बाद अलग-अलग जिलों के पीड़ितों ने मामले को लेकर शिकायतें शुरू कीं।
मुजफ्फरनगर में ₹210 करोड़ की FIR
मामले में मुजफ्फरनगर के खालापार थाने में मुख्य आरोपी लविश चौधरी और उसके कथित नेटवर्क के खिलाफ करीब ₹210 करोड़ की ठगी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का मुख्य घटनाक्रम मुजफ्फरनगर जिले से जुड़ा हुआ है। मेरठ में सुहेल के घर पहुंचकर पीड़ितों के हंगामे को भी इसी कथित नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के अनुसार, मामले की मुख्य घटनाएं मुजफ्फरनगर से संबंधित हैं। पुलिस उपलब्ध शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि निवेशकों से ली गई रकम किन बैंक खातों में पहुंची और बाद में उसे किन खातों या माध्यमों से स्थानांतरित किया गया।
₹210 करोड़ से अधिक हो सकती है रकम
जांच एजेंसियों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, कथित ठगी की कुल रकम ₹210 करोड़ से भी अधिक हो सकती है। मुख्य आरोपी लविश चौधरी के खिलाफ इंटरपोल से लुकआउट नोटिस जारी होने का भी दावा किया गया है। अब जांच में निवेशकों की शिकायतों, बैंक लेनदेन और कथित कंपनी से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
पुलिस यह भी सत्यापित कर रही है कि दुबई में QFX के नाम से वास्तव में कोई कंपनी या कारोबार शुरू किया गया था या नहीं। आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खाते, निवेशकों का रिकॉर्ड और आपसी संपर्क भी जांच के दायरे में हैं। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
