धनबाद: रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धनबाद के भूली इलाके की एक महिला से ₹16 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि BCCL में जनरल मजदूर के पद पर कार्यरत जितेंद्र कुमार ने पहले महिला के दिवंगत पति की PF राशि निकलवाने के नाम पर ₹2 लाख लिए और बाद में उसकी बेटी अनु कुमारी चौहान को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर कुल ₹16 लाख की रकम ठग ली। शिकायत के आधार पर भूली ओपी पुलिस ने जितेंद्र कुमार, उसके पड़ोसी मनीष कुमार और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता सविता चौहान भूली की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति उपेंद्र चौहान की 27 मई को मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के करीब एक महीने बाद जितेंद्र कुमार उनके घर पहुंचा। आरोप है कि उसने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए पति की PF राशि निकलवाने में मदद करने का भरोसा दिया और इसके लिए सविता से ₹2 लाख ले लिए। रकम लेने के बाद भी PF से जुड़ा काम पूरा नहीं हुआ।
PF दिलाने के नाम पर बनाया भरोसा
सविता के मुताबिक, जितेंद्र कुमार ने PF की रकम निकलवाने के नाम पर संपर्क बढ़ाया और धीरे-धीरे उनका भरोसा हासिल कर लिया। इसके बाद उसने उनकी बेटी अनु कुमारी चौहान को रेलवे में नौकरी दिलाने का दावा किया। नौकरी की बात पर भरोसा करते हुए सविता उसकी बताई प्रक्रिया में शामिल हो गईं।
आरोप है कि जितेंद्र ने उन्हें अपने पड़ोसी मनीष कुमार से मिलवाया। इसके बाद मनीष और वीरेंद्र कुमार भी इस कथित नौकरी के इंतजाम में शामिल हो गए। तीनों ने रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग समय पर सविता से रकम ली। शिकायत के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे कुल ₹16 लाख लिए गए।
न नौकरी मिली, न रकम वापस हुई
रकम देने के बाद सविता और उनका परिवार बेटी की नौकरी लगने का इंतजार करता रहा। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी अनु को रेलवे में नौकरी नहीं मिली। जब परिवार ने आरोपियों से रकम वापस करने और नौकरी के संबंध में जानकारी देने को कहा तो कथित तौर पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।
इसके बाद सविता को आशंका हुई कि उनके साथ नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने भूली ओपी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों पर पहले भी दर्ज हो चुका है केस
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी नौकरी के नाम पर ठगी का मामला दर्ज हो चुका है। करीब तीन महीने पहले छत्तीसगढ़ निवासी गुरुदेव प्रसाद ने सरायढेला थाने में जितेंद्र कुमार, मनीष कुमार और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उस मामले में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने गुरुदेव प्रसाद के दो बेटों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे ₹29 लाख लिए थे। आरोपियों ने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया, लेकिन कथित तौर पर न तो नौकरी दिलाई और न ही रकम वापस की गई।
पुराने मामले से भी जोड़ी जा रही कड़ियां
नए मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब पुराने और मौजूदा मामले के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों मामलों में नौकरी दिलाने के नाम पर एक जैसी प्रक्रिया अपनाई गई थी और क्या आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया।
जांच में आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, रकम के लेनदेन और शिकायतकर्ताओं से हुई बातचीत को शामिल किया जा सकता है। पुलिस यह भी सत्यापित करेगी कि रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए आरोपियों ने किसी फर्जी दस्तावेज, नियुक्ति पत्र या अन्य सरकारी रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया था या नहीं। फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
