कानपुर: कानपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से कथित तौर पर लाई गई करीब ₹15 करोड़ कीमत की चरस बरामद की है। फजलगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में सफेद रंग की ऑल्टो कार से चरस बरामद होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यशोदानगर निवासी आसमित गौतम और लाल बंगला निवासी आयुष तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बरामद चरस को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के कई शहरों में पहुंचाया जाना था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को दादा नगर ढाल के पास चेकिंग के दौरान पकड़ा। संदिग्ध कार को रोककर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में चरस मिली। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ नेपाल से किस माध्यम से कानपुर पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
चेकिंग के दौरान पकड़ी गई ऑल्टो कार
पुलिस के मुताबिक, दादा नगर ढाल के पास नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की ऑल्टो कार को संदिग्ध मानकर रोका गया। तलाशी के दौरान कार से बड़ी मात्रा में चरस बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब ₹15 करोड़ बताई गई है।
कार में मौजूद आसमित गौतम और आयुष तिवारी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके कथित नेटवर्क की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि दोनों आरोपी पहले से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे या किसी बड़े गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
भाई के नेटवर्क से मिला आसमित का सुराग
जांच में आसमित के बड़े भाई नवित गौतम का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, नवित पिछले कई वर्षों से चरस तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। करीब छह महीने पहले राजस्थान के सिरोही जिले में पुलिस ने उसे 20 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
नवित की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस को परिवार के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़े सुराग मिले। इसी जांच में आसमित की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब दोनों भाइयों के बीच संपर्क, वित्तीय लेनदेन और कथित तस्करी नेटवर्क में उनकी अलग-अलग भूमिका की जांच कर रही है।
पैरोल पर बाहर आया और की भव्य शादी
पुलिस के मुताबिक, नवित करीब दो महीने पहले सिरोही जेल से पैरोल पर बाहर आया था। इसके बाद उसने एक बड़े होटल में कथित तौर पर लाखों रुपये खर्च कर शादी की। जांच एजेंसियां अब इस शादी में शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शादी में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े लोग या नेटवर्क के अन्य सदस्य शामिल हुए थे या नहीं। शादी में हुए खर्च, भुगतान के स्रोत और इसमें शामिल लोगों के आपसी संबंधों की भी जांच की जा सकती है।
संपत्तियों और बैंक खातों की जांच
पुलिस के अनुसार, नवित पिछले दो से तीन वर्षों से चरस की तस्करी कर रहा था। इस दौरान उसने कानपुर और अन्य शहरों में मकान तथा जमीनें खरीदीं। पुलिस अब इन संपत्तियों के स्रोत और खरीद में इस्तेमाल रकम की जांच कर रही है।
इसके अलावा आसमित के नाम पर कुछ निजी बैंकों से करीब ₹2 से ₹3 करोड़ के लोन चलने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि तस्करी से अर्जित रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
ट्रेन से कई राज्यों तक सप्लाई का आरोप
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि नेपाल से चरस लाने के बाद इसे ट्रेनों के माध्यम से अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क की सप्लाई लाइन में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायपुर, जेपी नगर, नागपुर, मुंबई, नासिक, वलसाड और पुणे जैसे शहर शामिल होने की जानकारी मिली है।
अब पुलिस बरामद चरस के स्रोत, सप्लाई करने वालों, खरीदारों और परिवहन नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। साथ ही फरार संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
