अहमदाबाद में Sabarmati Gas बिल अपडेट के नाम पर फर्जी APK इंस्टॉल करवाकर ज्वेलरी कारोबारी से ₹6.68 लाख की ठगी।

Sabarmati Gas के नाम पर APK भेजकर ज्वेलरी कारोबारी से ₹6.68 लाख की साइबर ठगी, WhatsApp मैसेज से शुरू हुआ पूरा जाल

Team The420
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अहमदाबाद। गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद में साइबर ठगों ने एक बार फिर हाई-टेक तरीके से बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ज्वेलरी के होलसेल व्यापारी को ‘Sabarmati Gas Limited’ के नाम पर फर्जी WhatsApp मैसेज भेजकर झांसे में लिया गया और एक मालिशियस APK फाइल इंस्टॉल करवाकर उसके बैंक खाते से कुल ₹6.68 लाख की रकम निकाल ली गई। ठगी की यह पूरी साजिश बिल अपडेट और गैस कनेक्शन डिस्कनेक्शन के डर के इर्द-गिर्द बुनी गई थी।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 मई की है जब हंसोल इलाके के निवासी और Sumel Business Park-3 में ‘Jagatrai Fashion’ नाम से कारोबार चलाने वाले 35 वर्षीय नरेश देवानंद सबनानी को एक WhatsApp मैसेज मिला। मैसेज में दावा किया गया कि उनका घरेलू गैस कनेक्शन बकाया बिल न भरने के कारण रात 9:30 बजे तक काट दिया जाएगा, अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया।

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मैसेज में एक कथित “बिल अपडेट अधिकारी” का नंबर भी दिया गया था, जिसे ‘टिंकू कुमार मोदी’ के नाम से बताया गया। व्यापारी ने इसे असली समझकर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनका पुराना एप्लिकेशन अपडेट नहीं है, इसलिए सेवा बंद हो सकती है।

इसके बाद ठगों ने पीड़ित को एक APK फाइल भेजी, जिसका नाम ‘Sabarmati Gas Bill Update.apk’ था। भरोसा करके व्यापारी ने अपने मोबाइल फोन में यह फाइल इंस्टॉल कर ली। यही वह निर्णायक कदम था, जिसके बाद पूरा साइबर जाल सक्रिय हो गया।

इंस्टॉलेशन के बाद ऐप के अंदर पीड़ित से ₹12 का “सत्यापन शुल्क” मांगा गया और फिर बैंक अकाउंट डिटेल, डेबिट कार्ड जानकारी और अन्य निजी वित्तीय डेटा दर्ज करने के लिए कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने यह जानकारी साझा की, ठगों ने उसके मोबाइल और बैंकिंग एक्सेस पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

इसके तुरंत बाद पीड़ित के मोबाइल पर लगातार OTP आने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ ही मिनटों में HDFC बैंक खाते से तीन बड़े ट्रांजैक्शन किए गए। इनमें ₹1.01 लाख और ₹84,681 की राशि ‘BILLDKJVNL’ नामक ट्रांजैक्शन में गई, जबकि सबसे बड़ा ट्रांसफर ₹4.83 लाख का ‘TATAPOWERDELHIDISTRI’ के नाम पर कर दिया गया।

इस तरह कुल ₹6.68 लाख की रकम बिना अनुमति के खाते से निकाल ली गई। घटना का एहसास होते ही व्यापारी ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दी।

जांच में सामने आया है कि ठगों ने पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से बनाई थी, जिसमें सरकारी या निजी गैस कंपनी के नाम का उपयोग कर भरोसा जीतना, फिर APK फाइल के जरिए मोबाइल में घुसपैठ करना और बैंकिंग क्रेडेंशियल हासिल करना शामिल था। इस तरह के हमलों में साइबर अपराधी अक्सर नकली ऐप्स के जरिए मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं।

बैंक की ओर से पीड़ित को बाद में सूचना दी गई कि विवादित ट्रांजैक्शन पर ₹6.68 लाख की राशि को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है और जांच जारी है।

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सबसे बड़ा खतरा अनजान APK फाइलें होती हैं, जो सीधे मोबाइल सिक्योरिटी को बायपास कर देती हैं। आम लोगों को किसी भी अनवेरिफाइड लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से बचना चाहिए, खासकर जब वह बिल, कनेक्शन या सेवा बंद होने की धमकी से जुड़ा हो।

फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और क्या इसके पीछे किसी संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का हाथ है।

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