मॉस्को। रूस में ड्रोन निर्माण से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसमें एक प्रमुख ड्रोन कंपनी के पूर्व सीईओ को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह वही अधिकारी है जिसने जनवरी 2025 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सालाना 3 लाख ड्रोन (UAV) उत्पादन की महत्वाकांक्षी योजना के बारे में जानकारी दी थी।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान यूरी कोजारेंको के रूप में हुई है। मॉस्को की टवर्स्कॉय जिला अदालत ने उन्हें प्री-ट्रायल हिरासत में भेज दिया है। उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है और मामले की जांच जारी है।
₹66 करोड़ के गबन का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला लगभग 8 मिलियन डॉलर (करीब ₹66 करोड़) के गबन से जुड़ा है। आरोप है कि यह राशि राज्य रक्षा ऑर्डर के तहत ड्रोन निर्माण के लिए जारी की गई थी, लेकिन इसे फर्जी कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के जरिए डायवर्ट कर दिया गया।
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कंपनी को पहले लगभग 55 मिलियन डॉलर (करीब ₹460 करोड़) की सरकारी सब्सिडी मिली थी, जिसका उद्देश्य 750 वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग ड्रोन का निर्माण करना था। हालांकि जांच में पाया गया कि एक सब-कॉन्ट्रैक्टर ने केवल लगभग 80% ऑर्डर ही पूरा किया।
पुतिन की यात्रा और बड़े दावे
यूरी कोजारेंको उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने जनवरी 2025 में पुतिन की कंपनी के ड्रोन उत्पादन केंद्र की यात्रा के दौरान उत्पादन क्षमता और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी दी थी।
उन्होंने दावा किया था कि कंपनी सालाना 3 लाख ड्रोन बनाने की क्षमता रखती है, जिसमें ईरान के “Shahed” मॉडल पर आधारित “Geran” ड्रोन भी शामिल हैं। यह दावा रूस की सैन्य ड्रोन क्षमता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना गया था।
ड्रोन सप्लाई चेन में फैला भ्रष्टाचार
यह गिरफ्तारी रूस के रक्षा क्षेत्र में चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है। हाल के महीनों में ड्रोन निर्माण और सैन्य अनुबंधों से जुड़े कई अधिकारियों और मीडिया से जुड़े लोगों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें उत्पादन, सप्लाई और फंडिंग सिस्टम में गंभीर अनियमितताएं शामिल हैं।
अन्य गिरफ्तारियां और जांच का विस्तार
इस मामले से जुड़े एक अन्य प्रकरण में प्रॉ-वार मीडिया मैनेजर इल्या कोस्तिल्येव को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर ड्रोन खरीद से जुड़े लगभग 13 मिलियन डॉलर (करीब ₹108 करोड़) के गबन का आरोप है।
कोस्तिल्येव एक प्रमुख टेलीग्राम आउटलेट से जुड़े थे, जो बाद में रूस के बड़े प्रॉ-सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया।
जांच एजेंसियों के निष्कर्ष
रूसी जांच एजेंसियों के अनुसार, कई मामलों में फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग, नकली बिलिंग और अधूरी सप्लाई के जरिए सरकारी फंड को डायवर्ट किया गया। कुछ प्रोजेक्ट्स में तय उत्पादन लक्ष्य पूरे नहीं हुए, लेकिन भुगतान पूरी तरह जारी कर दिया गया।
ड्रोन कार्यक्रम पर असर
रूस का ड्रोन कार्यक्रम उसकी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है, खासकर मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बीच। ऐसे में इस तरह के घोटालों ने रक्षा उत्पादन प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं न केवल वित्तीय नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सैन्य तैयारियों और सप्लाई चेन की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकती हैं।
निष्कर्ष
यूरी कोजारेंको की गिरफ्तारी रूस के रक्षा उद्योग में बढ़ते भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का एक और बड़ा उदाहरण है। लगभग ₹66 करोड़ के इस घोटाले ने यह साफ कर दिया है कि रणनीतिक सैन्य उत्पादन क्षेत्र भी अब भ्रष्टाचार से अछूते नहीं हैं।
अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और सरकारी रक्षा फंड का वास्तविक दायरा कितना प्रभावित हुआ है।
