राजस्थान में पेट्रोल पंपों पर मीटर सही दिखाकर कम ईंधन देने के आरोप में 25 पंपों के 43 नोजल सील किए गए।

“मीटर चालू, तेल गायब”: राजस्थान के 7 शहरों में पेट्रोल पंपों पर बड़ा ‘शॉर्ट डिलीवरी’ घोटाला उजागर

Team The420
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राजस्थान के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ हो रहे कथित ईंधन घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य में की गई औचक कार्रवाई के दौरान 25 पेट्रोल पंपों के 43 नोजल सील कर दिए गए, जिन पर “शॉर्ट डिलीवरी” यानी कम ईंधन देने का गंभीर आरोप सामने आया है। जांच में सामने आया कि मीटर पर पूरी मात्रा दिखने के बावजूद वास्तविक टैंक में कम पेट्रोल और डीजल पहुंच रहा था।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में उपभोक्ता विभाग की टीमों ने अचानक छापेमारी कर यह कार्रवाई की, जिससे पूरे नेटवर्क की पोल खुल गई।

तकनीकी हेरफेर से चल रहा था ‘बूंद-बूंद का खेल’

जांच में पाया गया कि कई पेट्रोल पंपों पर नोजल और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में तकनीकी छेड़छाड़ की जा रही थी। हर 5 लीटर ईंधन पर लगभग 30 से 60 मिलीलीटर तक कम दिया जा रहा था। देखने में यह मात्रा बहुत छोटी लगती है, लेकिन रोजाना हजारों वाहनों के कारण यह नुकसान लाखों रुपये तक पहुंच जाता था।

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आधिकारिक आकलन के अनुसार, केवल चिन्हित 25 पंपों के कारण उपभोक्ताओं को हर महीने करीब ₹4 लाख तक का अतिरिक्त नुकसान हो रहा था।

इन शहरों में सामने आया मामला

छापेमारी के दौरान राज्य के कई जिलों में यह गड़बड़ी पकड़ी गई—

  • Rajasthan के Sirohi में 7 पेट्रोल पंपों पर 40–50 ml तक कम ईंधन की पुष्टि हुई।
  • Nagaur में 4 पंपों पर बड़े पैमाने पर शॉर्ट डिलीवरी मिली।
  • Alwar में कई सर्विस स्टेशनों पर भी अनियमितता सामने आई।

इसके अलावा पाली, सीकर और भीलवाड़ा जैसे जिलों में भी समान तरह की गड़बड़ी दर्ज की गई, जहां नोजल सील कर दिए गए।

मीटर सही, लेकिन प्रवाह में हेरफेर

जांच एजेंसियों के अनुसार, पंपों पर लगे मीटर सामान्य जांच में सही दिखाई देते थे, लेकिन अंदरूनी सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए थे जिससे वास्तविक ईंधन प्रवाह कम हो जाता था। यह तकनीक इतनी सूक्ष्म थी कि उपभोक्ताओं को इसका अंदाजा तक नहीं लग पाता था।

अधिकारियों ने बताया कि यह एक संगठित पैटर्न की तरह काम कर रहा था, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर समान तकनीकी तरीके अपनाए जा रहे थे।

महीनों से चल रहा था नेटवर्क, बढ़ी निगरानी

रिपोर्ट के अनुसार, यह गड़बड़ी अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही थी। औचक निरीक्षण में पकड़े जाने के बाद अब पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग का मानना है कि यदि यह सिलसिला समय पर नहीं रोका जाता तो उपभोक्ताओं को सालाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता था।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह और आगे की कार्रवाई

विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि ईंधन भरवाते समय मीटर, नोजल और फाइनल रीडिंग पर ध्यान दें। किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में ऐसे पंपों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी और तकनीकी निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।

अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि इस तरह की अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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