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उच्च रिटर्न के लालच में पुणे में लाखों की ठगी: ‘वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी’ के नाम पर निवेश घोटाले का खुलासा

Team The420
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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लोणी कालभोर इलाके में ‘वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी’ के नाम पर एक 50 वर्षीय महिला से ₹16 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शुरुआत में नियमित रिटर्न देकर महिला और उसके परिवार का विश्वास जीता गया, लेकिन बाद में मूल निवेश की रकम वापस नहीं की गई। इस घटना ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म, फर्जी ट्रेडिंग स्कीम और सोशल मीडिया आधारित वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला पिंपरी इलाके की रहने वाली है और उसने लोणी कालभोर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर ऊंचे रिटर्न का भरोसा दिलाया था। उन्होंने महिला और उसके पति को एक बैंक खाते में करीब ₹20 लाख निवेश करने के लिए तैयार किया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया और निवेश पर हर महीने लाभ मिलने लगा।

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जांच में सामने आया कि शुरुआती चार महीनों तक आरोपियों ने हर महीने ₹1 लाख का रिटर्न देकर पीड़ित परिवार का भरोसा मजबूत किया। लगातार लाभ मिलने से महिला को लगा कि निवेश सुरक्षित और लाभदायक है। लेकिन कुछ समय बाद आरोपियों ने संपर्क कम कर दिया और फिर अचानक पैसा लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आर्थिक लेनदेन और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच पुणे में ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। चतुश्रृंगी इलाके की 44 वर्षीय महिला को टेलीग्राम आईडी, शेयर बाजार निवेश और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर ₹4.20 लाख का चूना लगाया गया। आरोपियों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग और डिजिटल टास्क के जरिए तेजी से कमाई का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ ट्रांजैक्शन सफल दिखाए गए, ताकि पीड़िता का भरोसा बढ़े और वह अधिक रकम निवेश करे।

सायबर जांच एजेंसियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में अपराधी पहले छोटी रकम वापस कर लोगों का विश्वास जीतते हैं। जब पीड़ित को स्कीम पर भरोसा हो जाता है, तब उससे बड़ी रकम निवेश करवाई जाती है। इसके बाद आरोपी अचानक संपर्क तोड़ देते हैं और पूरा पैसा गायब कर देते हैं। हाल के महीनों में टेलीग्राम, व्हाट्सऐप, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और नकली निवेश वेबसाइटों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी में तेजी देखी गई है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी Prof. Triveni Singh के अनुसार, साइबर अपराधी अब निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर बेहद संगठित तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि “फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड, नकली प्रॉफिट रिपोर्ट, सोशल मीडिया प्रचार और हाई रिटर्न के वादे के जरिए लोगों को जाल में फंसाया जाता है। कई मामलों में शुरुआत में थोड़ी रकम वापस करके भरोसा बनाया जाता है और बाद में बड़ी वित्तीय ठगी को अंजाम दिया जाता है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान निवेश प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम ग्रुप या असामान्य रिटर्न देने वाली स्कीम से सतर्क रहें। उनके मुताबिक, यदि कोई योजना कम समय में अत्यधिक लाभ का दावा कर रही है, तो उसकी जांच-पड़ताल किए बिना पैसा निवेश नहीं करना चाहिए। कंपनी की वैधता, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और बैंकिंग ट्रेल की जांच करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुणे पुलिस और साइबर विभाग मामले से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह केवल स्थानीय स्तर की ठगी नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले संगठित ऑनलाइन वित्तीय फर्जीवाड़ा नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

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