अहमदाबाद में बुलियन कारोबारी की पहचान का इस्तेमाल कर ₹75 लाख की कथित ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

इंस्टाग्राम पर महिला बनकर बिछाया साइबर जाल: गुरुग्राम में तीन नाइजीरियन नागरिक गिरफ्तार

Team The420
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गुरुग्राम। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को भावनात्मक जाल में फंसाने और ऑनलाइन ठगी करने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन नाइजीरियन नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों से संपर्क कर पैसे ऐंठने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी महिलाओं की नकली पहचान बनाकर भारतीय नागरिकों से दोस्ती करते थे और बाद में अलग-अलग बहानों से रकम ट्रांसफर करवाते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिनेदु, जेम्स संडे और जूल्स काकाउ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई पिछले वर्ष दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम पर एक महिला प्रोफाइल से उसकी बातचीत शुरू हुई थी। कुछ समय बाद कथित महिला ने दावा किया कि उसे मुंबई एयरपोर्ट पर रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य औपचारिकताओं के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है। भरोसे में आए पीड़ित ने अलग-अलग चरणों में करीब ₹69,900 ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में उसे ठगी का एहसास हुआ।

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जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 18 भारतीय एवं विदेशी सिम कार्ड बरामद किए गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने, फर्जी पहचान बनाने और पीड़ितों से संपर्क करने के लिए किया जाता था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक महिला प्रोफाइल बनाते थे, जिनमें विदेशी मॉडल्स और महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता था। इन प्रोफाइल्स के जरिए वे भारतीय नागरिकों से बातचीत शुरू करते और धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध स्थापित करने की कोशिश करते थे। कुछ मामलों में आरोपी खुद को विदेश से भारत आने वाली महिला, बिजनेस प्रोफेशनल या मॉडल बताकर भरोसा जीतते थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जब पीड़ित पूरी तरह भरोसे में आ जाते थे, तब उनसे एयरपोर्ट क्लियरेंस, रजिस्ट्रेशन फीस, कस्टम चार्ज, होटल बुकिंग या मेडिकल इमरजेंसी जैसे बहाने बनाकर पैसे मांगे जाते थे। कई बार पीड़ितों को नकली एयर टिकट, पहचान पत्र और यात्रा दस्तावेज भी भेजे जाते थे ताकि पूरी कहानी वास्तविक लगे। पुलिस को आशंका है कि इसी तरीके से कई लोगों को अलग-अलग राज्यों में निशाना बनाया गया हो सकता है।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि कुछ आरोपी कथित तौर पर बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे, जबकि कुछ स्टडी वीजा पर भारत आए थे। मामले में पासपोर्ट एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के दस्तावेजों, यात्रा रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, इस तरह के “सोशल मीडिया रोमांस स्कैम” में अपराधी भावनात्मक हेरफेर को सबसे बड़ा हथियार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भरोसा कायम किया जाता है और फिर किसी आपात स्थिति या विदेशी यात्रा से जुड़ी कहानी बनाकर पैसे मांगे जाते हैं। कई लोग भावनात्मक दबाव में आकर बिना सत्यापन के रकम ट्रांसफर कर देते हैं।

पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात प्रोफाइल पर तुरंत भरोसा न करें और ऑनलाइन बने रिश्तों में वित्तीय लेन-देन से बचें। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एयरपोर्ट, कस्टम, होटल या मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगता है तो उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करनी चाहिए। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों तथा नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

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