बरेली/मेरठ में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई में 9.12 करोड़ रुपये की कथित कर चोरी का मामला सामने आया है। सिटी स्टेशन के पास जसौली रोड स्थित नुइश फॉरएवर कंपनी और सीबीगंज क्षेत्र के बिधौलिया स्थित ताज टोबैको प्रोडक्ट यूनिट पर सीजीएसटी टीम ने छापेमारी की, जिसके बाद कारोबारी जगदीश चंद्र अग्रवाल और अकाउंटेंट गोपाल सक्सेना को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, नोएडा से आई 25 अधिकारियों की सीजीएसटी टीम ने दो दिनों तक लगातार गोदामों और उत्पादन इकाइयों की गहन जांच की। इस दौरान बिल, स्टॉक रजिस्टर, इनवॉइस और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया। जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और बिना वैध दस्तावेजों के कारोबार के संकेत मिले।
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छापेमारी के बाद टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और मेरठ स्थित विशेष सीजीएम अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 9.12 करोड़ रुपये की कर चोरी की पुष्टि हुई है, जबकि कुल नुकसान इससे अधिक हो सकता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी फर्म के माध्यम से कथित रूप से ‘धनश्री’ ब्रांड नाम से पान मसाला तैयार किया जा रहा था। इसके लिए चार मशीनें लगाई गई थीं, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर उत्पादन कर विभिन्न जिलों में सप्लाई की जा रही थी। टीम को शक है कि उत्पादन और बिक्री दोनों स्तरों पर टैक्स नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया।
विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपियों ने नुइश फॉरएवर नाम से फर्जी या संदिग्ध संरचना वाली फर्म बनाकर तंबाकू उत्पादों का निर्माण शुरू किया। जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल को मेरठ, सहारनपुर सहित कई जिलों में भेजा जाता था, जबकि रिकॉर्ड में इसका सही विवरण दर्ज नहीं था।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बरेली में अवैध रूप से तैयार किए जा रहे पान मसाला और तंबाकू उत्पाद अलग-अलग ब्रांड नामों से बाजार में पहुंचाए जा रहे थे। इससे पहले भी क्षेत्र में ऐसे मामलों को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन इस बार बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ है।
जांच में यह भी सामने आया है कि जीएसटी रिटर्न में भारी अनियमितताएं थीं, जिसके आधार पर विभाग ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। प्रारंभिक विश्लेषण में इनपुट और आउटपुट टैक्स डेटा में बड़ा अंतर पाया गया, जिससे पूरी सप्लाई चेन संदिग्ध मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। टीम ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
व्यापारिक हलकों में इस कार्रवाई के बाद हलचल मच गई है। कई व्यापारियों ने कहा कि इस तरह की छापेमारी से अवैध कारोबार पर रोक लग सकती है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि नकली और बिना रजिस्टर्ड उत्पादों का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ हो सकता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी नाम और लेनदेन सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई चैन की गहराई से जांच की जा रही है।
मामले की आगे की कार्रवाई जारी है और विभाग ने संकेत दिए हैं कि कर चोरी से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी जल्द छापे मारे जा सकते हैं।
