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भूली-बिसरी जमा पूंजी खोजने का आसान रास्ता: सरकार ने लॉन्च किया एकीकृत पोर्टल, बैंक जमा से लेकर शेयर तक की मिलेगी जानकारी

Team The420
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नई दिल्ली। देशभर में बैंकों, बीमा कंपनियों और निवेश योजनाओं में वर्षों से पड़ी अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों को खोजने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान होने जा रही है। केंद्र सरकार के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने नागरिकों को उनकी भूली-बिसरी या अनक्लेम्ड वित्तीय परिसंपत्तियों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक कॉमन लैंडिंग पोर्टल लॉन्च किया है। सरकार का कहना है कि यह पहल वित्तीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नया पोर्टल उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है जिनके बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, शेयर निवेश, डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से जुड़े दावे किसी कारणवश लंबे समय से लंबित पड़े हैं। कई बार खाताधारक की मृत्यु, पता बदलने, दस्तावेजों की कमी या जानकारी के अभाव में बड़ी मात्रा में धनराशि अनक्लेम्ड रह जाती है। ऐसे मामलों में लाभार्थियों या परिवार के सदस्यों को अपनी संपत्तियों का पता लगाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

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वित्त मंत्रालय के अनुसार, नया कॉमन लैंडिंग पोर्टल एकीकृत मंच के रूप में काम करेगा, जहां विभिन्न वित्तीय संस्थानों की खोज सुविधाओं तक एक ही स्थान से पहुंच बनाई जा सकेगी। इसके माध्यम से नागरिक अनक्लेम्ड बैंक जमा, बीमा दावों, शेयरों, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड निवेश से संबंधित जानकारी तलाश सकेंगे। पहले इसके लिए अलग-अलग संस्थानों या प्लेटफॉर्म पर जाकर जानकारी जुटानी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली बन जाती थी।

यह पोर्टल पब्लिक सेक्टर बैंक अलायंस (PSBA) के सहयोग से विकसित किया गया है। PSBA देश के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा संयुक्त रूप से प्रोत्साहित एक केंद्रीय संगठन है, जो बैंकिंग सेवाओं में तकनीकी और परिचालन सहयोग को बढ़ावा देने का कार्य करता है। अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों की खोज प्रणालियों को एक मंच पर लाकर नागरिकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा।

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार भारत में वर्षों से बड़ी मात्रा में ऐसी धनराशि मौजूद है, जिस पर वास्तविक मालिकों या उनके उत्तराधिकारियों ने दावा नहीं किया है। कई बार निवेशक किसी पुराने निवेश को भूल जाते हैं, बैंक खाते निष्क्रिय हो जाते हैं या बीमा पॉलिसियों के लाभार्थियों तक सूचना नहीं पहुंच पाती। ऐसी परिस्थितियों में धनराशि संबंधित संस्थानों के पास अनक्लेम्ड श्रेणी में चली जाती है। नया पोर्टल इन बिखरी हुई जानकारियों को खोजने के लिए एक शुरुआती बिंदु प्रदान करेगा।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि यह पोर्टल नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उनके अनुसार, विभिन्न खोज सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने से लोगों को अपनी वैध वित्तीय संपत्तियों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल उन प्रयासों को और मजबूत करेगी जिनका उद्देश्य लोगों को उनकी वास्तविक वित्तीय परिसंपत्तियों से पुनः जोड़ना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के दौर में ऐसी पहलें वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इससे न केवल आम नागरिकों को लाभ होगा, बल्कि वित्तीय संस्थानों को भी लंबे समय से लंबित दावों के समाधान में सहायता मिलेगी। इसके अलावा उत्तराधिकारियों और परिवारों के लिए भी पुराने निवेशों और खातों का पता लगाना अपेक्षाकृत आसान हो सकेगा।

सरकार का कहना है कि यह पोर्टल एक अधिक पारदर्शी और जवाबदेह वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न वित्तीय संपत्तियों की खोज और दावों की प्रक्रिया में और अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे करोड़ों रुपये की अनक्लेम्ड परिसंपत्तियों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को भी गति मिल सकती है।

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