घटिया माल भेजकर लाखों की कथित ठगी का आरोप; समझौते के बाद भी रकम नहीं लौटी, फर्जी पता और लगातार धमकियों के बीच पटना में मामला दर्ज

लक्जरी ब्रांड्स को लाखों का चूना: पूर्व ब्रिटिश पुलिस अधिकारी पर Dior, Cartier और Apple से रिफंड फ्रॉड का आरोप

Team The420
4 Min Read

लंदन। ब्रिटेन में एक पूर्व पुलिस अधिकारी पर लग्जरी ब्रांड्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के साथ कथित रिफंड फ्रॉड करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि पूर्व महिला पुलिस अधिकारी ने ऑनलाइन महंगे प्रोडक्ट ऑर्डर करने के बाद झूठा दावा किया कि सामान उसकी डिलीवरी तक पहुंचा ही नहीं, जिसके जरिए उसने हजारों पाउंड की धोखाधड़ी की। मामले में अब पुलिस सिस्टम के कथित दुरुपयोग और सबूत नष्ट करने के आरोप भी सामने आने से ब्रिटेन की कानून व्यवस्था और पुलिस नैतिकता पर सवाल उठने लगे हैं।

मामले की आरोपी 28 वर्षीय सुन्ना हैरिसन-अज़ीज़ पर आरोप है कि उसने Christian Dior, Cartier, Moncler और Apple जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को निशाना बनाकर फर्जी रिफंड क्लेम किए। अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने महंगे उत्पाद मंगवाने के बाद कंपनियों को यह बताया कि सामान डिलीवर नहीं हुआ, जबकि कथित रूप से प्रोडक्ट उसके पास पहुंच चुके थे।

अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार जिन वस्तुओं को लेकर कथित धोखाधड़ी की गई उनमें करीब £700 की Dior बिकिनी, लगभग £2,000 की Cartier वेडिंग रिंग, £840 की Moncler जैकेट और Currys से खरीदा गया £2,599 का Apple MacBook शामिल है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से रिफंड सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर कंपनियों को वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

FCRF Launches India’s Premier Certified Data Protection Officer Program Aligned with DPDP Act

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने जनवरी से सितंबर 2022 के बीच कथित धोखाधड़ी को अंजाम देने के दौरान पुलिस डेटाबेस और आधिकारिक सिस्टम का अनुचित इस्तेमाल भी किया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने अपनी नौकरी और पुलिस अधिकारों का लाभ उठाकर कुछ संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाई, जिससे जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने जांच के दौरान अपना मोबाइल फोन छिपाने और बाद में नष्ट करने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने पहले दावा किया कि उसका फोन टूट गया और खो गया है, लेकिन बाद में जांच में यह आशंका सामने आई कि पुलिस द्वारा घर की तलाशी लेने के बाद उसने जानबूझकर डिवाइस को नष्ट कर दिया ताकि संभावित डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें।

इस मामले में एडगर मोराइस नामक एक अन्य व्यक्ति पर भी आरोप लगाया गया है कि उसने पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग को बढ़ावा देने और कथित गतिविधियों में सहयोग किया। वहीं एक अन्य आरोपी यूजीन नुनू अदालत में पेश नहीं हो सका, क्योंकि ट्रेन सेवाएं बाधित होने के कारण वह सुनवाई में शामिल नहीं हो पाया।

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अदालत से मीडिया को उसकी पहचान सार्वजनिक करने से रोकने की मांग की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी मानसिक तनाव और सार्वजनिक चर्चा के कारण गंभीर चिंता की स्थिति में है। हालांकि जिला न्यायाधीश डेनियल स्टर्नबर्ग ने यह अनुरोध खारिज कर दिया और मामले की खुली सुनवाई जारी रखने का फैसला सुनाया।

जांच ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस की एंटी-करप्शन एंड एब्यूज कमांड द्वारा स्वतंत्र निगरानी संस्था Independent Office for Police Conduct की देखरेख में की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, खरीदारी डेटा, डिलीवरी ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक संचार की गहन जांच की जा रही है।

फिलहाल सुन्ना हैरिसन-अज़ीज़ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। अदालत ने उसे बिना किसी अतिरिक्त शर्त के जमानत पर रिहा रखा है। मामले की अगली सुनवाई 2 जून को साउथवार्क क्राउन कोर्ट में होगी। इस पूरे प्रकरण ने ऑनलाइन रिफंड सिस्टम की सुरक्षा, ई-कॉमर्स धोखाधड़ी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के भीतर जवाबदेही को लेकर ब्रिटेन में नई बहस छेड़ दी है।

हमसे जुड़ें

Share This Article