सिंगापुर। सिंगापुर के बहुचर्चित कॉर्पोरेट घोटाले Citiraya Industries मामले में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ng Teck Lee पर 38 नए आपराधिक आरोप लगाए गए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात, मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी, चोरी और खातों में फर्जीवाड़ा शामिल है। यह मामला इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट रीसाइक्लिंग सेक्टर में हुए कथित बड़े वित्तीय घोटाले के रूप में एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Ng Teck Lee, जिनकी उम्र अब 59 वर्ष है, को दिसंबर 2024 में लगभग 19 साल की फरारी के बाद सिंगापुर प्रत्यर्पित किया गया था। उन पर पहले से ही भ्रष्टाचार और आपराधिक विश्वासघात से जुड़े आधारभूत आरोप दर्ज थे, जो Citiraya Industries के सीईओ रहते हुए कथित अनियमितताओं से जुड़े हैं। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप से कीमती धातुओं की रिकवरी और प्रोसेसिंग के व्यवसाय में कार्यरत थी।
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Corrupt Practices Investigation Bureau और Singapore Police Force द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, नए आरोपों में 15 मामले भ्रष्टाचार से और 14 मामले खातों में हेराफेरी से संबंधित हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि 2003 से 2005 के बीच आरोपी ने एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप की बड़ी मात्रा को नष्ट करने के बजाय अवैध रूप से डायवर्ट किया।
अदालती दस्तावेजों में सामने आया है कि लगभग 90,000 किलोग्राम इलेक्ट्रॉनिक चिप्स की कथित रूप से हेराफेरी की गई। आरोप है कि इन चिप्स को नष्ट करने के बजाय कर्मचारियों को निर्देश देकर दोबारा पैक किया गया और विदेशों में निर्यात किया गया। यह सामग्री कथित तौर पर हांगकांग और ताइवान जैसे बाजारों में बेची गई, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध कमाई हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए कथित रूप से रिश्वत का इस्तेमाल किया गया। लगभग S$35,000 की रकम विभिन्न व्यक्तियों को दी गई ताकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे की जांच, नष्ट करने की प्रक्रिया और कीमती धातुओं के आकलन को प्रभावित किया जा सके। इससे कंपनी को बड़े कॉरपोरेट कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में भी फायदा मिलने का आरोप है।
इसके अलावा, जांच एजेंसियों का कहना है कि इस घोटाले से अर्जित धन में से US$45 मिलियन से अधिक की राशि को विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। आरोपों के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर एक विदेशी बैंक खाता खुलवाया ताकि अवैध धन को छिपाया जा सके, जिसमें लगभग US$1 मिलियन ट्रांसफर किए गए थे।
एक अन्य गंभीर आरोप में कहा गया है कि 2004 से 2005 के बीच Citiraya Industries और उससे जुड़ी कंपनियों में कुल 97 फर्जी बिक्री इनवॉइस तैयार किए गए। इन इनवॉइस का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप की वास्तविक आवाजाही और स्रोत को छिपाना तथा वित्तीय रिकॉर्ड को वैध दिखाना था।
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब दिसंबर 2004 में एक नियमित निरीक्षण के दौरान गड़बड़ियां सामने आईं। एक इलेक्ट्रॉनिक चिप, जिसे नष्ट किया जाना था, ताइवान में बरामद हुई, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच शुरू हुई। जांच आगे बढ़ने से पहले ही आरोपी देश छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद 19 साल तक उसका कोई पता नहीं चला।
फरारी के दौरान आरोप है कि आरोपी और उसकी पत्नी ने फर्जी पहचान और जटिल वित्तीय संरचनाओं का इस्तेमाल कर संपत्तियों और अवैध कमाई को छिपाने की कोशिश की। इससे जुड़े मामलों में पहले ही करोड़ों सिंगापुर डॉलर की संपत्तियां, बीमा पॉलिसियां और शेयरहोल्डिंग्स जब्त की जा चुकी हैं।
पहले की जांच रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया था कि इस घोटाले से आरोपी ने US$51 मिलियन से अधिक का अवैध लाभ कमाया हो सकता है, हालांकि वास्तविक नुकसान और लाभ की जांच अभी भी जारी है और कई वित्तीय लेनदेन की परतें खुलना बाकी हैं।
ताजा आरोपों के बाद यह मामला अब और भी व्यापक जांच के दायरे में आ गया है। जांच एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय फंड ट्रेल, फर्जी अकाउंटिंग रिकॉर्ड और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही हैं।
Citiraya घोटाला अब केवल एक कंपनी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कॉरपोरेट गवर्नेंस की खामियों, अंतरराष्ट्रीय स्क्रैप ट्रेडिंग सिस्टम की कमजोरियों और लंबे समय तक चलने वाले वित्तीय अपराधों का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है।
