चेन्नई। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर ₹10.89 लाख की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने एक प्राइवेट फर्म के एग्जीक्यूटिव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान गुडुवनचेरी निवासी विग्नेश के रूप में हुई है, जिस पर इसी तरह की धोखाधड़ी के कई अन्य मामलों में भी शामिल होने के आरोप सामने आए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता आर. ससिकुमार (41), जो कोट्टुर के मन्नप्पा स्ट्रीट के निवासी हैं और चेन्नई की एक रियल एस्टेट कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने आरोप लगाया कि उन्हें क्रिप्टो निवेश के नाम पर फंसाया गया। ससिकुमार ने बताया कि उनकी मुलाकात पहले अड्यार स्थित एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट में काम करते समय विग्नेश से हुई थी, जहां आरोपी पीआर मैनेजर के पद पर कार्यरत था।
शिकायत के मुताबिक, विग्नेश ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का प्रस्ताव दिया और दावा किया कि ₹1 लाख के निवेश पर हर महीने करीब ₹20,000 का रिटर्न मिल सकता है। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने कथित रूप से अपने निवेश और भारी मुनाफे के फर्जी सबूत भी दिखाए।
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इन दावों पर भरोसा करते हुए ससिकुमार ने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹10.89 लाख निवेश कर दिए। लेकिन लंबे समय तक कोई रिटर्न नहीं मिला। जब उन्होंने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी की बातों में विरोधाभास सामने आने लगा।
इसके बाद जांच करने पर शिकायतकर्ता को पता चला कि विग्नेश ने इसी तरह के निवेश का झांसा देकर कई अन्य लोगों से भी पैसे ऐंठे हैं, जिनका कुल नुकसान लगभग ₹40 लाख तक बताया जा रहा है। जब ससिकुमार ने पैसे लौटाने की मांग की, तो आरोपी ने कथित रूप से इनकार कर दिया और धमकी भी दी।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने विग्नेश के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक धमकी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि आरोपी एक पैटर्न के तहत लोगों को क्रिप्टो निवेश के नाम पर झांसा देता रहा है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी आमतौर पर सोशल नेटवर्क, नौकरी के संबंध या परिचितों के जरिए भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम अलग-अलग किस्तों में वसूलते हैं।
साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े फर्जी निवेश मामलों में अक्सर वास्तविक निवेश बहुत कम होता है, जबकि पैसा घुमाने के लिए फर्जी ट्रांजैक्शन और नकली प्रॉफिट दिखाए जाते हैं। शुरुआती चरण में कुछ लोगों को झूठे रिटर्न दिखाकर और निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है, जिसके बाद बड़ी रकम वसूल ली जाती है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले इस काम को अंजाम दे रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के जरिए पैसे के प्रवाह का पता लगाया जा रहा है।
अधिकारियों ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि क्रिप्टो या किसी भी निवेश योजना में निश्चित और ज्यादा रिटर्न का वादा अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होता है। बिना सत्यापन और लिखित दस्तावेज के किसी भी निवेश से बचने की सलाह दी गई है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग प्रभावित हुए हैं। आरोपी विग्नेश फिलहाल जांच के दायरे में है और आगे और धाराएं जुड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
