अहमदाबाद। देश के बैंकिंग सेक्टर से जुड़े एक बड़े कथित वित्तीय घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अहमदाबाद और मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, दो अलग-अलग मामलों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल ₹119 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान दोनों कंपनियों से जुड़े निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, बुधवार को अहमदाबाद और मुंबई में कुल सात परिसरों पर छापे मारे गए। ये कार्रवाई दो निजी कंपनियों—मुंबई स्थित Shri Hari Extrusion Pvt. Ltd. और अहमदाबाद स्थित Jay Formulations Ltd.—से जुड़े मामलों में की गई। दोनों मामलों में आरोप है कि कंपनियों ने बैंकों से प्राप्त ऋण सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया और फर्जी वित्तीय रिकॉर्ड के जरिए फंड डायवर्ट किए।
FCRF’s Flagship Cyber Law Certification Returns With a New Four-Week Cohort
पहला मामला मुंबई की Shri Hari Extrusion Pvt. Ltd. से जुड़ा है, जिस पर Punjab National Bank को लगभग ₹61.98 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने कैश क्रेडिट और टर्म लोन सुविधाओं का दुरुपयोग किया। आरोप है कि लोन की रकम को असुरक्षित ऋण के रूप में दूसरी संस्थाओं को दिया गया और बहन कंपनियों के जरिए लेनदेन कर बैंकिंग नियमों को दरकिनार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने कथित तौर पर बिक्री से जुड़े कई लेनदेन उस बैंकिंग चैनल के बाहर किए, जिससे ऋण लिया गया था। एजेंसी को संदेह है कि इस तरीके से वास्तविक कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय स्थिति को छिपाने की कोशिश की गई ताकि बैंक की निगरानी से बचा जा सके।
दूसरा मामला अहमदाबाद स्थित Jay Formulations Ltd. से जुड़ा है। इस कंपनी पर State Bank of India को करीब ₹57.05 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने फर्जी अकाउंट बुक्स और कथित रूप से गलत वित्तीय विवरणों के आधार पर बैंक से फंड-बेस्ड और नॉन-फंड-बेस्ड क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं। बाद में इन स्वीकृत फंड्स को कथित तौर पर दूसरे उद्देश्यों के लिए डायवर्ट कर दिया गया।
CBI अधिकारियों ने बताया कि Shri Hari Extrusion मामले में तलाशी अभियान मुंबई की विशेष CBI अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर चलाया गया, जबकि Jay Formulations से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई अहमदाबाद की अदालत के आदेश के बाद की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से संबंधित अहम सबूत बरामद किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब कंपनियों के बैंक खातों, संबंधित शेल कंपनियों, फंड फ्लो और निदेशकों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस कथित वित्तीय अनियमितता में अन्य कारोबारी इकाइयों या पेशेवरों की भी भूमिका रही है।
वित्तीय अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में बैंक फ्रॉड के मामलों में फर्जी बैलेंस शीट, काल्पनिक कारोबार, संबंधित कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर और ऋण राशि के डायवर्जन जैसे तरीके तेजी से सामने आए हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर वित्तीय रिकॉर्ड सही दिखाई देते हैं, लेकिन फोरेंसिक ऑडिट और बैंक ट्रांजैक्शन विश्लेषण के दौरान कथित अनियमितताओं की परतें खुलती हैं।
जांच एजेंसी ने फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी होने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
