मैट्रिमोनियल वेबसाइट से शुरू हुई ₹35 लाख की साइबर ठगी में शादी और क्रिप्टो निवेश के झांसे से बेंगलुरु के व्यक्ति को ठगा गया

‘शादी’ का सपना, क्रिप्टो निवेश का झांसा और ₹35 लाख की ठगी; मैट्रिमोनियल वेबसाइट से शुरू हुआ साइबर जाल

Team The420
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बेंगलुरु। ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर ₹35 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी का प्रस्ताव और भविष्य के सुनहरे सपने दिखाकर एक संगठित साइबर नेटवर्क ने पहले पीड़ित का विश्वास जीता, फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर बड़ी रकम लगाने के लिए राजी कर लिया। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया, तब उसे एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार बन चुका है।

मामले के अनुसार बेंगलुरु निवासी अनिल कुमार सागिनल्ला ने विवाह के उद्देश्य से एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। कुछ समय बाद उनसे भास्कर राव नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने खुद को मलेशिया में रहने वाला बताया और विवाह संबंधी बातचीत शुरू की। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों ने संपर्क विवरण साझा किए और नियमित रूप से संवाद होने लगा।

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जांच में सामने आया कि कुछ दिनों बाद लक्ष्मी नाम की एक महिला भी बातचीत का हिस्सा बनी। आरोप है कि उसने धीरे-धीरे अनिल के साथ करीबी संबंध स्थापित किए और विवाह की संभावना को लेकर लगातार चर्चा करती रही। उसने केवल पीड़ित का ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों का भी विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का फायदा उठाकर कथित महिला ने वित्तीय योजनाओं और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर बातचीत शुरू की।

पीड़ित की शिकायत के अनुसार लक्ष्मी ने बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश करने की सलाह दी। उसने दावा किया कि वह स्वयं एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘Lumix Exchange’ के माध्यम से भारी मुनाफा कमा चुकी है। महिला ने कथित तौर पर कहा कि विवाह से पहले मजबूत वित्तीय आधार बनाना जरूरी है और निवेश से दोनों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।

शुरुआत में अनिल ने सावधानी बरतते हुए केवल ₹60,000 का निवेश किया। कुछ समय बाद ऑनलाइन खाते में बढ़ते हुए मुनाफे और आकर्षक रिटर्न दिखाई देने लगे। इससे उसे प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर भरोसा हो गया। शिकायत के अनुसार इसके बाद उसने विभिन्न बैंकों से ऋण लिया और कुल मिलाकर लगभग ₹35 लाख की राशि क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर आरोपियों द्वारा बताए गए डिजिटल वॉलेट में स्थानांतरित कर दी।

कुछ समय बाद निवेश खाते में लगभग 77,000 USDT के बराबर होल्डिंग दिखाई देने लगी। स्क्रीन पर बढ़ती रकम देखकर पीड़ित को विश्वास हो गया कि उसका निवेश सफल हो रहा है। लेकिन जब उसने मुनाफा और मूल निवेश राशि निकालने की कोशिश की, तब प्लेटफॉर्म ने निकासी की अनुमति नहीं दी। इसके बजाय अतिरिक्त शुल्क, प्रोसेसिंग फीस और अन्य भुगतान की मांग की जाने लगी।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसी दौरान लक्ष्मी व्यक्तिगत खर्चों का हवाला देकर भी लगातार धन मांगती रही। कथित तौर पर वह कई बार प्रतिदिन लगभग ₹30,000 तक ट्रांसफर करने का दबाव बनाती थी। जब अनिल ने निवेश की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाने शुरू किए और रकम वापस मांगनी शुरू की, तब संपर्क अचानक टूट गया और सभी संवाद बंद हो गए।

स्थिति संदिग्ध लगने पर पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर अपराध इकाई से की। शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी अब धन के प्रवाह, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस धोखाधड़ी के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क सक्रिय है।

प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में “रोमांस स्कैम” और “क्रिप्टो निवेश ठगी” का खतरनाक मिश्रण तेजी से सामने आया है। उनके अनुसार साइबर अपराधी पहले भावनात्मक संबंध बनाकर पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑनलाइन परिचित व्यक्ति के कहने पर निवेश नहीं करना चाहिए और किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म की वैधता की स्वतंत्र रूप से जांच करना आवश्यक है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल संबंधों और निवेश योजनाओं के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि विवाह, दोस्ती या निवेश से जुड़े ऑनलाइन प्रस्तावों को स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें।

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