बेंगलुरु में डेटिंग ऐप पर दोस्ती कर फर्जी ऑनलाइन निवेश स्कीम के जरिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ₹1.66 करोड़ की साइबर ठगी।

“डेटिंग ऐप पर शुरू हुई दोस्ती ने उजाड़ दी जमा-पूंजी”: फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ₹1.66 करोड़ की साइबर ठगी

Team The420
5 Min Read

बेंगलुरु। देशभर में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन इनवेस्टमेंट और रोमांस स्कैम के बीच बेंगलुरु से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डेटिंग ऐप के जरिए जाल में फंसाकर ₹1.66 करोड़ की ठगी कर ली गई। आरोपी महिला ने पहले दोस्ती बढ़ाई, फिर भरोसा जीतकर कथित हाई-रिटर्न इनवेस्टमेंट स्कीम में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे पीड़ित से करोड़ों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।

पीड़ित की पहचान सौरव दुबे के रूप में हुई है, जिन्होंने दक्षिण-पूर्व साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, कुछ समय पहले उनकी मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर खुद को “रिया” बताने वाली महिला से हुई थी। शुरुआती बातचीत सामान्य दोस्ती और व्यक्तिगत चर्चाओं तक सीमित रही, लेकिन बाद में महिला ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़े बड़े मुनाफे का दावा करना शुरू कर दिया।

FCRF Launches Chief AI Officer Certification to Build India’s AI Governance Leaders

जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि वह विदेशी निवेश और डिजिटल ट्रेडिंग से जुड़ी हुई है तथा कम समय में भारी रिटर्न कमाती है। उसने कथित तौर पर कुछ फर्जी स्क्रीनशॉट और लाभ दिखाने वाले आंकड़े साझा किए, जिससे सौरव को योजना पर भरोसा हो गया। इसके बाद महिला ने उन्हें अलग-अलग चरणों में कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा।

शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में छोटी रकम निवेश कराई गई और कुछ समय बाद कथित मुनाफा दिखाकर विश्वास और मजबूत किया गया। इसके बाद निवेश की राशि लगातार बढ़ती चली गई। जब पीड़ित ने अपने पैसे और मुनाफे को निकालने की कोशिश की, तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क, टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और भुगतान करने को कहा गया। संदेह होने पर जब उन्होंने रकम वापस मांगनी चाही, तो आरोपी महिला ने संपर्क तोड़ दिया।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में “रोमांस-इनवेस्टमेंट स्कैम” तेजी से बढ़े हैं, जिनमें अपराधी डेटिंग ऐप, सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों से भावनात्मक संबंध बनाते हैं और फिर निवेश के नाम पर ठगी करते हैं। कई मामलों में फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट, नकली मोबाइल ऐप और बनावटी लाभ रिपोर्ट दिखाकर पीड़ितों को भ्रमित किया जाता है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार, साइबर ठग अब पारंपरिक OTP फ्रॉड से आगे बढ़कर “सोशल इंजीनियरिंग आधारित रिलेशनशिप स्कैम” पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उनका कहना है कि अपराधी पहले भरोसा और भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं, फिर निवेश, क्रिप्टो ट्रेडिंग या विदेशी एक्सचेंज के नाम पर लोगों को आर्थिक जाल में फंसाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी ऑनलाइन परिचित के कहने पर निवेश न करें और बिना सत्यापन किसी प्लेटफॉर्म पर पैसा ट्रांसफर करने से बचें।

मामले की जांच में जुटी साइबर टीम अब उन बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है, जिनमें पैसे भेजे गए थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह किसी बड़े संगठित साइबर नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। शुरुआती जांच में कई संदिग्ध खातों और डिजिटल वॉलेट्स की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

विशेषज्ञों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर बने नए संबंधों में वित्तीय लेनदेन से बचें। यदि कोई व्यक्ति असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का दावा करे, विदेशी निवेश का लालच दे या जल्दी पैसा दोगुना करने की बात करे, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। साइबर ठगी का संदेह होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

हमसे जुड़ें

Share This Article