ढाका। बांग्लादेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान के तहत पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में छह चीनी नागरिकों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर आरोप है कि वे संगठित तरीके से डिजिटल निवेश और ऑनलाइन वित्तीय योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को आकर्षित करता था। शुरुआती चरण में उन्हें आकर्षक मुनाफे का झांसा दिया जाता था, लेकिन बाद में उनके निवेश की रकम पूरी तरह से गायब कर दी जाती थी। यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
ढाका पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक मुख्य रूप से युवा हैं और उनके पास उन्नत आईटी कौशल पाया गया है। उन्होंने बताया कि यह लोग बांग्लादेश में उपलब्ध विभिन्न ऑनलाइन वित्तीय प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पैसे इकट्ठा करते थे और तुरंत उसे विदेशों में ट्रांसफर कर देते थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले लोगों को छोटे-छोटे लाभ दिखाकर विश्वास जीतता था। इसके बाद उन्हें बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। जैसे ही बड़ी राशि निवेश की जाती थी, पूरा सिस्टम अचानक बंद हो जाता था और पीड़ितों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ता था।
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पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल सामान्य धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस रैकेट में कई देशों के तकनीकी विशेषज्ञ और वित्तीय ऑपरेटर भी शामिल हो सकते हैं, जो डिजिटल माध्यमों से फर्जी लेनदेन को अंजाम देते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में देश में अवैध ऑनलाइन जुआ और डिजिटल ठगी के मामलों में तेजी आई है, जिसके चलते 1 मई से विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के दौरान यह गिरोह पुलिस के रडार पर आया और फिर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नेटवर्क आमतौर पर “पंप एंड डंप” मॉडल या फर्जी निवेश स्कीम्स के जरिए काम करते हैं, जिसमें शुरुआत में भरोसा जीतकर बाद में पूरी पूंजी निकाल ली जाती है। इन मामलों में क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और विदेशी पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जांच और मुश्किल हो जाती है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध डिजिटल वॉलेट्स और अंतरराष्ट्रीय बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं, जिन्हें आगे की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि यह पूरा नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस ठगी से जुड़ी रकम किन-किन देशों में भेजी गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद बांग्लादेश की साइबर क्राइम यूनिट ने नागरिकों को चेतावनी जारी की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन निवेश योजना या विज्ञापन पर भरोसा न करें। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी वैध वित्तीय संस्था इस तरह अचानक लाभ का वादा नहीं करती और हर संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरा नेटवर्क जांच के दायरे में है और इसे दक्षिण एशिया में सक्रिय एक बड़े साइबर अपराध सिंडिकेट का हिस्सा माना जा रहा है, जिसकी जड़ें कई देशों तक फैली हो सकती हैं।
