अंबाला। हरियाणा के अंबाला शहर में विदेश भेजने के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसमें एक भाई-बहन से करीब 30 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर नकली वीजा और फर्जी टिकट के सहारे दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया, जहां पूरे मामले की पोल खुल गई।
जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र के सेक्टर-5 निवासी रवि कुमार और उनकी बहन रिया को एक निजी ट्रैवल और वीजा कंसल्टेंसी कंपनी “सन फ्लाई ओवरसीज” के जरिए विदेश भेजने का भरोसा दिलाया गया था। दोनों लंबे समय से सोशल मीडिया और विज्ञापनों के माध्यम से विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अंबाला सिटी के जलबेड़ा रोड स्थित इस कंपनी के बारे में जानकारी मिली।
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पीड़ित रवि कुमार ने बताया कि 26 फरवरी 2025 को वे अपनी बहन के साथ कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें स्टडी और वर्क वीजा के जरिए ऑस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिया गया। शुरुआत में ही कंपनी की ओर से करीब 30 लाख रुपये की डिमांड की गई, जिसे अलग-अलग किस्तों में जमा कराया गया। आरोप है कि कंपनी के मालिक हरभजन सिंह ने फोन और मैसेज के जरिए लगातार वर्क परमिट और वीजा अप्रूवल का दावा किया और रकम ट्रांसफर करवाता रहा।
परिजनों का आरोप है कि जब सभी दस्तावेज तैयार होने का दावा किया गया, तब उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने के लिए बुलाया गया। वहां पहुंचने पर इमिग्रेशन और जांच प्रक्रिया के दौरान वीजा और टिकट को लेकर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे, जिसके बाद पीड़ित परिवार को बड़ा झटका लगा।
इस घटना के बाद पीड़ित ने अंबाला सेक्टर-9 थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में कंपनी मालिक हरभजन सिंह, एक पार्टनर और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह गिरोह लंबे समय से विदेश भेजने के नाम पर लोगों को ठग रहा था। कंपनी की ओर से फर्जी वीजा, नकली ऑफर लेटर और टिकट तैयार कर लोगों को भरोसे में लिया जाता था। इसके बाद भारी रकम वसूली जाती थी और अंत में पीड़ितों को वास्तविक स्थिति का पता चलता था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस धोखाधड़ी ने उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाला है और विदेश में नौकरी का सपना पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनकी राशि की वापसी की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले के सामने आने के बाद विदेश भेजने वाली एजेंसियों की जांच और रेगुलेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई लोग मान रहे हैं कि इस तरह की कंपनियां बिना पर्याप्त सत्यापन के ही लोगों से मोटी रकम वसूल कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने लोगों को इस तरह ठगा गया है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और विदेश रोजगार के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
