CBSE ने री-इवैल्यूएशन और पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर कथित साइबर हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस की IFSO इकाई में शिकायत दर्ज कराई

CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर हमलों का दावा, बोर्ड ने दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

Team The420
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर कथित साइबर हमलों का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड का कहना है कि पिछले कई दिनों से री-इवैल्यूएशन, उत्तरपुस्तिका सत्यापन और अन्य परिणाम-संबंधी सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला पोर्टल लगातार तकनीकी बाधाओं का सामना कर रहा था, जिसके पीछे समन्वित साइबर हमलों की आशंका जताई गई है।

CBSE के अनुसार, शिकायत दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई को सौंपी गई है। बोर्ड का आरोप है कि उसके ऑनलाइन सिस्टम को अस्थिर करने के लिए सुनियोजित तरीके से साइबर गतिविधियां संचालित की गईं। यह पोर्टल देशभर के लाखों छात्रों द्वारा अंक सत्यापन, मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन जैसी सेवाओं के लिए उपयोग किया जाता है।

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समस्या की शुरुआत 19 मई से हुई, जब री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद विभिन्न राज्यों के छात्रों ने पोर्टल पर लगातार तकनीकी दिक्कतों की शिकायत करनी शुरू की। कई छात्रों ने बताया कि वे लॉग-इन नहीं कर पा रहे थे, आवेदन जमा करने में परेशानी हो रही थी और भुगतान प्रक्रिया भी बार-बार बाधित हो रही थी।

CBSE ने कई बार पोर्टल को बहाल करने और पुनः खोलने की कोशिश की, लेकिन समस्याएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं। अधिकारियों के अनुसार, यह चौथा अवसर था जब पोर्टल को दोबारा खोला गया, फिर भी छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों में चिंता बढ़ गई, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आती जा रही थी।

बोर्ड ने बताया कि 2 जून को आवश्यक तकनीकी सुधारों के बाद पोर्टल को फिर से शुरू किया गया था। हालांकि, इसके बाद लगातार तीन दिनों तक पोर्टल पर भारी मात्रा में संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण इंटरनेट ट्रैफिक दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह ट्रैफिक देश और विदेश दोनों स्थानों से आने वाले अनेक आईपी एड्रेस के माध्यम से उत्पन्न हो रहा था।

CBSE का कहना है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य वैध उपयोगकर्ताओं को सेवाओं तक पहुंचने से रोकना और सिस्टम पर दबाव बनाना था। बोर्ड के अनुसार, कुछ प्रयास अनधिकृत रूप से जानकारी प्राप्त करने की दिशा में भी किए गए प्रतीत होते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार के हमलों में सर्वर पर अत्यधिक ट्रैफिक भेजकर सेवाओं को बाधित करने की कोशिश की जाती है।

हालांकि CBSE ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र के डेटा या आंतरिक रिकॉर्ड से कोई समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड का कहना है कि उसकी साइबर सुरक्षा प्रणालियां पूरे समय सक्रिय रहीं और किसी भी संभावित सेंधमारी को सफल नहीं होने दिया गया।

एक आधिकारिक बयान में CBSE ने कहा कि उसकी 24 घंटे निगरानी व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र ने खतरे की पहचान कर उसे समय रहते निष्प्रभावी कर दिया। बोर्ड ने दावा किया कि सभी महत्वपूर्ण डेटाबेस सुरक्षित हैं और अब तक किसी भी अनधिकृत डेटा एक्सेस का मामला सामने नहीं आया है।

साइबर हमलों से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए CBSE ने कई राष्ट्रीय संस्थानों और एजेंसियों की सहायता ली। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर, IIT मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) शामिल हैं। इन संस्थाओं ने कथित हमलों के पैटर्न का विश्लेषण करने और सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग किया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब देशभर के हजारों छात्र अपने कक्षा 12 के परिणामों के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए आवेदन कर रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी बाधाएं छात्रों के प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

कई छात्रों और अभिभावकों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान हुई परेशानियों को लेकर नाराजगी जताई है और समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। वहीं CBSE ने भरोसा दिलाया है कि सेवाओं को सुचारु बनाए रखने और लंबित समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस कथित साइबर हमलों के स्रोत, संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों और संभावित जिम्मेदार व्यक्तियों या समूहों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। बोर्ड ने बताया कि री-इवैल्यूएशन और अन्य पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 जून मध्यरात्रि तक निर्धारित है।

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