झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में एक कारोबारी के साथ कथित तौर पर ₹17 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीकानेर की एक नमकीन कंपनी की डीलरशिप और सीएनएफ एजेंसी दिलाने का भरोसा देकर कारोबारी से लाखों रुपये लिए गए, लेकिन बाद में न तो वादे पूरे किए गए और न ही रकम वापस की गई। पीड़ित की शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने कंपनी से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार डडियापुरा निवासी कारोबारी प्रवेश राय खाद्य उत्पादों, विशेषकर नमकीन और अन्य उपभोक्ता सामानों के वितरण एवं बिक्री से जुड़ा कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात यतेंद्र यादव नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने स्वयं को बीकानेर स्थित एक नमकीन कंपनी का प्रोपराइटर बताया। उसके साथ सनी बाधवा, ओम सिंह पुरोहित, अंशु पुवाटिया और पंकज आनंद श्रीवास्तव भी थे, जिन्होंने खुद को कंपनी के विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्यरत बताया।
FCRF Launches Chief AI Officer Certification to Build India’s AI Governance Leaders
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने प्रवेश राय को झांसी और आसपास के क्षेत्र में कंपनी की डीलरशिप तथा सीएनएफ एजेंसी देने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि कंपनी की ओर से कारोबार बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग मिलेगा। गोदाम किराये, कर्मचारियों की व्यवस्था और बाजार विस्तार से संबंधित कई आकर्षक आश्वासन भी दिए गए। इन्हीं दावों के आधार पर दोनों पक्षों के बीच एक एग्रीमेंट किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद विभिन्न मदों में भुगतान करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। आरोपियों के कहने पर उन्होंने चेक और आरटीजीएस के माध्यम से करीब ₹15 लाख कंपनी के खातों में भेज दिए। शुरुआती दौर में विश्वास कायम रखने के लिए कुछ माल की आपूर्ति भी की गई, जिससे उन्हें लगा कि कारोबार सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। हालांकि बाद में परिस्थितियां बदल गईं और कथित तौर पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
प्रवेश राय के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग शहरों में माल भेजने और भुगतान ट्रांसफर कराने की व्यवस्था की। इस प्रक्रिया में उन्हें लगातार वित्तीय लेनदेन करने के लिए कहा जाता रहा। बाद में जब हिसाब-किताब किया गया तो करीब ₹17 लाख की राशि फंस चुकी थी। उन्होंने जब इस रकम के संबंध में जानकारी मांगी और भुगतान वापस करने की मांग की, तब आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लगातार संपर्क करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि अंततः संबंधित लोगों ने भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का कहना है कि फोन पर उनसे कहा गया कि यदि पैसा वापस चाहिए तो बीकानेर आकर बात करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उन्हें धमकी भरे लहजे में जवाब दिया गया।
कारोबारी ने पुलिस को यह भी बताया कि इसी प्रकार के तरीके से अन्य व्यापारियों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है। उनके अनुसार मामले की गहन जांच होने पर और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। इस आशंका के मद्देनजर उन्होंने पूरे नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है ताकि कथित धोखाधड़ी के दायरे और रकम का सही आकलन किया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर यतेंद्र यादव, सनी बाधवा, ओम सिंह पुरोहित, अंशु पुवाटिया और पंकज आनंद श्रीवास्तव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों के पते, लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बैंक खातों की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
