सांगली। महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक कथित निवेश घोटाले का मामला सामने आया है, जहां 4% मासिक रिटर्न का लालच देकर एक व्यक्ति से ₹1.33 करोड़ की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। मामले में सांगली और रत्नागिरी के छह लोगों के खिलाफ विश्रामबाग पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि सभी ने मिलकर एक निवेश कंपनी के माध्यम से पीड़ित को ऊंचे मुनाफे का भरोसा दिलाया और बड़ी रकम निवेश करवा ली।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर TWJ Associates Private Limited नामक कंपनी स्थापित की थी। कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 4% रिटर्न देने का दावा किया जाता था। इसी वादे के आधार पर निवेशकों को आकर्षित किया गया और उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा तथा नियमित आय प्राप्त होती रहेगी।
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मामला उस समय सामने आया जब सांगली जिले के आरग निवासी सुधीर धोंडीराम चंदुरे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने उन्हें बार-बार निवेश के लिए प्रेरित किया और अधिक लाभ का भरोसा देकर ₹1.33 करोड़ निवेश करा लिए। चंदुरे का कहना है कि उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि निवेश पर हर महीने निश्चित रिटर्न मिलेगा और मूलधन भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद छह आरोपी कंपनी के संचालन और प्रचार-प्रसार से जुड़े थे। शिकायत में कहा गया है कि शुरुआती दौर में कंपनी ने कुछ निवेशकों को तय रिटर्न भी दिया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और नए निवेशक जुड़ते गए। इसी वजह से चंदुरे ने भी बड़ी राशि निवेश करने का फैसला किया।
आरोप है कि कंपनी की ओर से लगातार यह प्रचार किया गया कि निवेशकों को बैंकिंग या अन्य पारंपरिक निवेश विकल्पों की तुलना में कहीं अधिक लाभ मिलेगा। 4% मासिक रिटर्न का दावा निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक साबित हुआ और कई लोगों ने इसमें धन लगाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने भी इन्हीं आश्वासनों के आधार पर अपनी जमा पूंजी कंपनी में निवेश कर दी।
हालांकि, शिकायत के मुताबिक जुलाई 2021 के बाद स्थिति बदलने लगी। कंपनी की ओर से मिलने वाला रिटर्न बंद हो गया और निवेश की गई मूल राशि भी वापस नहीं की गई। चंदुरे का आरोप है कि उन्होंने कई बार कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा और भुगतान नहीं किया गया।
समय बीतने के साथ जब न तो रिटर्न मिला और न ही निवेश की रकम वापस हुई, तब उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की और आरोप लगाया कि उन्हें झूठे वादों तथा भ्रामक दावों के जरिए निवेश के लिए प्रेरित किया गया था।
शिकायत के आधार पर विश्रामबाग पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश संबंधी दस्तावेज, बैंक लेनदेन और निवेशकों के साथ किए गए संवाद की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर जुटाई गई धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस योजना में अन्य निवेशक भी प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिले हैं कि कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में निवेश किया हो सकता है। यदि ऐसा पाया जाता है तो कथित घोटाले का दायरा वर्तमान शिकायत में बताई गई राशि से कहीं अधिक हो सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि असामान्य रूप से ऊंचे और सुनिश्चित रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं में निवेश करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मामलों में शुरुआती भुगतान के जरिए विश्वास हासिल कर बाद में निवेशकों को नुकसान पहुंचाने की आशंका रहती है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। अब जांच का फोकस धन के प्रवाह, निवेशकों की संख्या और कथित नुकसान की वास्तविक सीमा का पता लगाने पर रहेगा।
