फ्रांस में उपभोक्ता अधिकारों, ऑर्डर जानकारी और पर्यावरणीय विवरण देने में कथित विफलता को लेकर Shein पर ₹217 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया।

फ्रांस में Shein पर फिर गिरी गाज: उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन पर ₹217 करोड़ से अधिक का जुर्माना

Team The420
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पेरिस। चीन की लोकप्रिय फास्ट-फैशन और ई-कॉमर्स कंपनी Shein एक बार फिर फ्रांसीसी नियामकों के निशाने पर आ गई है। फ्रांस की उपभोक्ता संरक्षण और धोखाधड़ी नियंत्रण एजेंसी ने कंपनी पर कुल 2.24 करोड़ यूरो (करीब ₹217 करोड़) का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि कंपनी ने ग्राहकों को ऑर्डर संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, ऑनलाइन खरीदारी से जुड़े उपभोक्ता अधिकारों का पालन नहीं किया और कुछ उत्पादों के लिए पर्यावरणीय जानकारी देने में भी विफल रही।

यह कार्रवाई वर्ष 2025 के दौरान की गई जांच के आधार पर की गई है। फ्रांस के प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता मामलों और धोखाधड़ी नियंत्रण महानिदेशालय (DGCCRF) ने बुधवार को दो अलग-अलग दंडात्मक आदेश जारी किए। नियामक संस्था का कहना है कि जांच में उपभोक्ता संरक्षण नियमों के कई उल्लंघन सामने आए, जिनके आधार पर कंपनी पर यह भारी आर्थिक दंड लगाया गया।

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जांच के अनुसार पहला और सबसे बड़ा जुर्माना 1.67 करोड़ यूरो का है। यह दंड उन ऑर्डर कन्फर्मेशन ईमेल्स को लेकर लगाया गया है जो Shein अपने ग्राहकों को भेजती थी। अधिकारियों का आरोप है कि इन ईमेल्स में कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल नहीं थीं, जिनमें उत्पाद की अंतिम कीमत, विक्रेता की पहचान और अनुमानित डिलीवरी समय जैसी सूचनाएं प्रमुख थीं। हालांकि यह जानकारी ग्राहक के अकाउंट में उपलब्ध थी, लेकिन नियामकों का मानना है कि कानून के अनुसार इन्हें ऑर्डर पुष्टि संदेश में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए था।

दूसरा जुर्माना 57 लाख यूरो का लगाया गया है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के “राइट ऑफ विदड्रॉल” यानी खरीदारी के बाद तय अवधि के भीतर बिना कारण बताए ऑर्डर रद्द करने के अधिकार से जुड़ी है। फ्रांसीसी और यूरोपीय उपभोक्ता कानूनों के तहत ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 14 दिनों के भीतर अपना निर्णय बदलने का अधिकार प्राप्त है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि Shein ने इस अधिकार के पालन में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती। इसके अलावा कुछ उत्पादों के लिए आवश्यक पर्यावरणीय जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई।

फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल बाजार में काम करने वाली बड़ी कंपनियों के लिए उपभोक्ताओं को स्पष्ट, सटीक और पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है। ई-कॉमर्स क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित कर सकती है और उनके अधिकारों का हनन कर सकती है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

दूसरी ओर, Shein ने इन आरोपों और जुर्मानों का कड़ा विरोध किया है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि लगाए गए दंड “अत्यधिक, असंगत और भेदभावपूर्ण” हैं। कंपनी का दावा है कि जांच के दौरान कहीं भी यह साबित नहीं हुआ कि ग्राहकों को वास्तविक आर्थिक नुकसान पहुंचा हो। Shein के अनुसार जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, वे प्रशासनिक प्रकृति की थीं और उनके लिए इतनी बड़ी सजा उचित नहीं मानी जा सकती।

कंपनी ने यह भी कहा कि फ्रांसीसी नियामकों ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की अन्य कंपनियों की तुलना में उसके साथ अलग व्यवहार किया है। Shein का तर्क है कि समान मामलों में अन्य कंपनियों पर कहीं कम जुर्माना लगाया गया था। इसी वजह से कंपनी इस निर्णय को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है और औपचारिक अपील दायर करेगी।

यह पहली बार नहीं है जब Shein को फ्रांस में नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की कारोबारी नीतियों, मूल्य निर्धारण, उपभोक्ता अधिकारों और पर्यावरणीय दावों को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। ताजा जुर्माने के बाद पिछले एक वर्ष में फ्रांसीसी सरकार द्वारा Shein पर लगाए गए कुल आर्थिक दंड का आंकड़ा 21 करोड़ यूरो से अधिक हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। यूरोप में उपभोक्ता संरक्षण कानून लगातार सख्त हो रहे हैं और नियामक संस्थाएं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली पर पहले से अधिक बारीकी से नजर रख रही हैं। ऐसे में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकारों का सम्मान और पर्यावरणीय जवाबदेही भविष्य में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सबसे बड़ी नियामकीय चुनौतियों में शामिल रहेंगे।

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