Quepem पुलिस ने एक ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है, जिसमें एक महिला से शादी का झांसा देकर और फर्जी संकट दिखाकर कुल ₹1,45,600 की ठगी की गई। यह मामला एक प्रमुख मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू हुआ, जहां आरोपी ने खुद को संभावित जीवनसाथी बताकर भरोसा जीता।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता अश्विनी सरवनवर को पहले एक व्यक्ति डेव अरुण ने संपर्क किया, जिसने Shaadi.com के माध्यम से उससे बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाकर आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाया और भावनात्मक रूप से उसे अपने जाल में फंसा लिया।
इसके बाद आरोपी ने एक सुनियोजित तरीके से ठगी की योजना को आगे बढ़ाया। उसने पीड़िता को यह कहकर डराया कि वह एयरपोर्ट पर फंस गया है और उसके पास विदेशी मुद्रा होने के कारण उसे कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति से बाहर निकलने के लिए तुरंत पैसों की जरूरत बताई गई।
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इस फर्जी कहानी पर भरोसा करते हुए पीड़िता ने अलग-अलग ट्रांजैक्शनों के जरिए कुल ₹1,45,600 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब आरोपी ने और पैसे की मांग शुरू की, तब महिला को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला एक योजनाबद्ध “रोमांस स्कैम” पैटर्न जैसा प्रतीत होता है, जिसमें सोशल मीडिया या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए पहले भरोसा बनाया जाता है और फिर किसी आपात स्थिति का बहाना बनाकर पैसे ऐंठे जाते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने संभावित रूप से फर्जी पहचान और अन्य सहयोगियों की मदद ली हो सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर खुद को विदेश में फंसा हुआ या किसी कानूनी समस्या में घिरा हुआ दिखाते हैं, ताकि पीड़ित जल्दबाजी में आर्थिक मदद कर दे। इसी पैटर्न के तहत एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी और विदेशी मुद्रा विवाद की कहानी गढ़ी जाती है।
क्यूपेम पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है, ताकि पैसे के प्रवाह और आरोपियों की पहचान की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर इस तरह के फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग पहले भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं और फिर आपातकालीन स्थिति का बहाना बनाकर छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन में बड़ी रकम निकाल लेते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन संपर्क पर तुरंत भरोसा न करें और किसी भी वित्तीय मांग को सत्यापित किए बिना पैसे ट्रांसफर न करें। विशेष रूप से एयरपोर्ट, कस्टम या कानूनी कार्रवाई के नाम पर की जाने वाली तुरंत भुगतान की मांग अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होती है।
जांच अधिकारी अब आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में किसी संगठित साइबर ठगी गिरोह की भूमिका है।
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन रिश्तों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते साइबर फ्रॉड के खतरे को उजागर किया है, जहां भावनात्मक विश्वास को हथियार बनाकर आर्थिक ठगी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
