Cockroach Janata Party के नाम पर फर्जी APK भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भुवनेश्वर में खुलासा

‘Cockroach Janata Party के नाम पर साइबर जाल: फर्जी APK फाइल भेजकर ₹70 लाख की ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार

Team The420
5 Min Read

भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में साइबर अपराध शाखा ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को “Cockroach Janata Party” (CJP) नामक फर्जी संगठन सदस्यता दिलाने के बहाने मालवेयर लिंक और APK फाइल भेजकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक ₹70 लाख से अधिक की धोखाधड़ी कर चुके हैं।

साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के नदिया निवासी अयान नंदी, झारखंड के जामताड़ा निवासी अलाउद्दीन अंसारी और देवघर निवासी अभिषेक दास व बिरेंद्र दास के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लोगों को इनाम, गिफ्ट कार्ड और आसान कमाई का लालच देकर मोबाइल में खतरनाक APK फाइल डाउनलोड करवाता था।

FCRF Launches Chief AI Officer Certification to Build India’s AI Governance Leaders

जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए लोगों को संदेश भेजते थे। इन संदेशों में दावा किया जाता था कि “Cockroach Janata Party” से जुड़ने पर आकर्षक रिवॉर्ड और गिफ्ट कार्ड दिए जाएंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति भेजे गए लिंक पर क्लिक कर APK फाइल डाउनलोड करता था, उसके मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता था। इसके बाद साइबर अपराधियों को पीड़ित के मोबाइल, बैंकिंग डिटेल्स, OTP और निजी जानकारी तक पहुंच मिल जाती थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी केवल राजनीतिक सदस्यता के नाम पर ही नहीं बल्कि फर्जी RTO चालान और निवेश योजनाओं के जरिए भी लोगों को निशाना बना रहे थे। कई मामलों में लोगों को ट्रैफिक चालान का फर्जी मैसेज भेजा जाता था, जिसमें भुगतान या दस्तावेज सत्यापन के नाम पर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। एक बार फाइल इंस्टॉल होने के बाद पीड़ित का मोबाइल पूरी तरह साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला जाता था।

जांच के दौरान एक बड़े निवेश घोटाले का भी खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी को “F29 Avendus Capital Wealth Investment Exchange Academy” नामक फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए IPO निवेश में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपी ने पीड़ित को ₹1 करोड़ से अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे करीब ₹26 लाख की रकम ट्रांसफर करा ली। बाद में जब निवेशक को कोई रिटर्न नहीं मिला, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अयान नंदी “Nandi Technology” नाम से एक फर्म संचालित कर रहा था। उसके बैंक खाते में ठगी की रकम से करीब ₹5 लाख ट्रांसफर किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, उसके खाते का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज कम से कम 14 साइबर अपराध मामलों से जुड़ा मिला है।

वहीं, अभिषेक दास और उसके सहयोगियों के बारे में पता चला कि वे टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से प्रतिदिन 10 से 40 तक मालवेयर APK फाइल प्रसारित करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह को हर सफल डाउनलोड पर करीब ₹2,000 तक की कमाई होती थी। यह रकम विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स के जरिए इकट्ठा की जाती थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑनलाइन चैट रिकॉर्ड, APK फाइल तैयार करने से जुड़े दस्तावेज और फर्जी बैंकिंग लेनदेन से संबंधित प्रिंटआउट जब्त किए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि गिरोह देशभर में सक्रिय साइबर नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और इसके तार अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी अब सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए लोगों को तेजी से निशाना बना रहे हैं। उनके मुताबिक, APK फाइल आधारित फ्रॉड बेहद खतरनाक होते हैं क्योंकि एक बार मालवेयर इंस्टॉल होने के बाद अपराधी बैंकिंग ऐप्स, OTP और निजी डेटा तक सीधी पहुंच बना लेते हैं। उन्होंने लोगों को किसी भी अनजान लिंक, फर्जी चालान संदेश या निवेश ऑफर पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, OTP, SIM कार्ड या अकाउंट डिटेल साझा न करें और आसान पैसे कमाने वाले ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहें।

हमसे जुड़ें

Share This Article