Cockroach Janata Party के नाम पर फर्जी APK भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भुवनेश्वर में खुलासा

“Cockroach Janta Party” के X अकाउंट पर रोक हटाने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, IT समीक्षा समिति को जांच के निर्देश

Team The420
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यंग्यात्मक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म “Cockroach Janta Party” (CJP) के X अकाउंट को तत्काल अनब्लॉक करने का आदेश देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत गठित समीक्षा समिति के पास भेजते हुए निर्देश दिया कि समिति 7 जुलाई तक पूरे मामले की जांच कर अपना फैसला रिकॉर्ड पर पेश करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समिति को लगता है कि ब्लॉकिंग आदेश उचित नहीं था, तो उसके पास अकाउंट बहाल करने की कानूनी शक्ति मौजूद है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की अदालत में हुई। अदालत ने Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत डिपके को समीक्षा समिति के समक्ष वर्चुअल रूप से पेश होने की अनुमति भी दी। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार और X, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था, को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई के लिए तय कर दी।

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याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि Cockroach Janta Party का अकाउंट पूरी तरह व्यंग्य और राजनीतिक टिप्पणी के उद्देश्य से चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यदि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक थीं, तो केवल उन पोस्ट को हटाया जा सकता था, पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अत्यधिक कार्रवाई है।

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने अदालत से अंतरिम राहत देते हुए अकाउंट को तुरंत बहाल करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को अब तक ब्लॉकिंग आदेश की प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे वह उचित तरीके से अपना बचाव भी नहीं कर पा रहा। हालांकि अदालत ने कहा कि ब्लॉकिंग आदेश अभी रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है और केंद्र सरकार के जवाब के बाद ही इस मुद्दे पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि सोशल मीडिया ब्लॉकिंग से जुड़ा कानून अभी विकास के शुरुआती चरण में है और फिलहाल जल्दबाजी में कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। न्यायालय ने कहा कि समीक्षा समिति पहले पूरे मामले की जांच करे और संबंधित सामग्री रिकॉर्ड पर लाए। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर अदालत आगे हस्तक्षेप कर सकती है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि इससे पहले अदालत कुछ अन्य मामलों में केवल विवादित पोस्ट हटाने का निर्देश दे चुकी है, जबकि पूरे सोशल मीडिया अकाउंट को बंद नहीं किया गया था। इस पर अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में “थोड़ा अंतर” दिखाई देता है। अदालत ने संकेत दिया कि यहां केवल कुछ ट्वीट्स नहीं, बल्कि पूरी गतिविधि की प्रकृति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

Cockroach Janta Party हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया था। इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत उस विवाद के बाद हुई थी जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की कथित टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई थी। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और उनका निशाना बेरोजगार युवा नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री के जरिए कानूनी पेशे में आने वाले लोग थे।

मूल X अकाउंट को 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद समूह ने “Cockroach is Back” नाम से नया अकाउंट शुरू किया, जिसने कुछ ही दिनों में लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समर्थकों का कहना है कि “कॉकरोच” प्रतीक व्यवस्था के खिलाफ डिजिटल विरोध और युवाओं की नाराजगी का प्रतीक बन गया है।

CJP ने हाल ही में शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी। इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिल रहा है। फिलहाल सभी पक्षों की नजर अब समीक्षा समिति की रिपोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।

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