मणिपुर में अफवाहों और भड़काऊ सोशल मीडिया कंटेंट पर कार्रवाई करते हुए 187 अकाउंट ब्लॉक किए गए और 3,200 से अधिक पोस्ट हटाए गए।

डिजिटल अफवाहों पर शिकंजा: मणिपुर में सोशल मीडिया के खिलाफ बड़ा एक्शन, 187 अकाउंट ब्लॉक

Team The420
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इंफाल। मणिपुर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य पुलिस के अनुसार जून 2023 से अब तक 187 सोशल मीडिया अकाउंट्स और पेज को ब्लॉक किया गया है, जबकि लगभग 3,200 ऐसे पोस्ट हटाए गए हैं जिन्हें हिंसा, तनाव या गलत सूचना फैलाने वाला पाया गया। यह पूरी कार्रवाई राज्य आईटी विभाग और केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समन्वय से की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी सामग्री तेजी से फैल रही थी जो सामुदायिक तनाव को बढ़ा सकती थी। इस चुनौती से निपटने के लिए एक विशेष डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया गया, जिसके तहत अब तक 5,400 से अधिक संदिग्ध पोस्ट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पोस्ट हटाए जा चुके हैं, जबकि कुछ मामलों की जांच अभी जारी है।

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राज्य पुलिस प्रमुख के अनुसार, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी का प्रभाव केवल ऑनलाइन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर जमीनी हालात पर भी पड़ता है। इसी वजह से साइबर यूनिट को लगातार सक्रिय रखते हुए ऐसे कंटेंट की पहचान की जा रही है जो अफवाह फैलाने या समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं।

प्रशासन ने यह भी बताया कि पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया नेटवर्क को मजबूत किया है ताकि लोगों तक सही और सत्यापित जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सके। पुलिस के फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फॉलोअर्स की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब आधिकारिक सूचना पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि राज्य में 2023 से हालात संवेदनशील रहे हैं और ऐसे समय में अफवाहों का प्रभाव और भी गंभीर हो जाता है। इसलिए सरकार और पुलिस दोनों स्तर पर साइबर निगरानी, फेक न्यूज की पहचान और डिजिटल सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में तकनीकी संसाधनों और डिजिटल इंटेलिजेंस सिस्टम को और मजबूत करने की योजना है, ताकि किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

इस अभियान के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। पुलिस विभाग को आधुनिक वाहन, संचार उपकरण, फॉरेंसिक सुविधाएं और डिजिटल सर्विलांस तकनीक उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल कानून-व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी बढ़ेगी।

राज्य में अवैध गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी है। कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य मामलों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में स्थिरता और शांति बनाए रखना भी है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध जानकारी को साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान डिजिटल निगरानी, साइबर सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर और सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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