नई दिल्ली/भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश के बाद जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अब इस मामले की जांच राज्य पुलिस से अपने हाथ में लेने जा रही है। अधिकारियों के अनुसार CBI की एक टीम पहले ही भोपाल पहुंच चुकी है, जो मामले से जुड़े सभी सबूत, दस्तावेज और फॉरेंसिक सामग्री एकत्र कर रही है।
33 वर्षीय मॉडल-से-अभिनेत्री बनी ट्विशा शर्मा को 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके वैवाहिक घर में मृत पाया गया था। इस घटना के बाद से मामला लगातार सुर्खियों में है और मृतका के परिवार तथा उनके पति समरथ सिंह के बीच कानूनी विवाद गहराता जा रहा है।
परिवार की शिकायत के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी, जब आरोपियों ने कथित रूप से उनके अविवाहित पुत्र के लिए फर्जी विवाह प्रस्ताव लेकर संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान एक महिला की तस्वीरें दिखाकर दोनों परिवारों के बीच मुलाकातें कराई गईं और भरोसा कायम करने की कोशिश की गई।
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परिवार का यह भी कहना है कि बाद में उन्हें राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना ले जाया गया, जहां कथित रूप से सगाई की रस्में भी कराई गईं। इससे परिवार को संबंध की वैधता पर पूरा विश्वास हो गया।
हालांकि, इसके बाद स्थिति बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान एक स्वयंभू धार्मिक व्यक्ति को सामने लाया गया, जिसने दावा किया कि ज्योतिषीय कारणों से विवाह तीन महीने तक संभव नहीं है। इसी बहाने परिवार को एक “मशीन” में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे कथित तौर पर पैसे दोगुने होने का दावा किया गया।
शुरुआत में परिवार ने ₹3,000 निवेश किए, जिसके बदले उन्हें ₹6,000 वापस मिले। इसके बाद भरोसा बढ़ने पर उन्होंने ₹2 लाख और फिर ₹2.5 लाख का निवेश किया। आरोप है कि शुरुआती भुगतान से विश्वास बनाने के बाद बाद में उन्हें पूरी रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है और शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार यह मामला केवल वैवाहिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं लगता, बल्कि इसमें एक संगठित वित्तीय ठगी नेटवर्क की संभावना भी दिखाई दे रही है।
जांच एजेंसियां अब बैंक लेनदेन, डिजिटल बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह से और लोग भी जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पहले भावनात्मक भरोसा बनाया जाता है और फिर छोटे लाभ दिखाकर धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराने का दबाव बनाया जाता है, जिससे पीड़ित बड़ी आर्थिक हानि का शिकार हो जाते हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां तथा खुलासे संभव हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान विवाह प्रस्ताव या निवेश योजना पर आंख बंद करके भरोसा न करें और पूरी तरह सत्यापन के बाद ही कोई कदम उठाएं।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि साइबर निगरानी और अंतरराज्यीय सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है ताकि ऐसे संगठित ठगी नेटवर्क को रोका जा सके।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
