चंडीगढ़। शहर में विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सेक्टर-17 स्थित कई इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म्स और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। इन मामलों में आरोप है कि पीड़ितों से सरकारी नौकरी और विदेशी रोजगार का झांसा देकर लाखों रुपये वसूले गए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही वीजा प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस जांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें अलग-अलग शहरों और राज्यों के लोग शिकार बनाए गए। अब तक दर्ज मामलों में कुल मिलाकर ₹1 करोड़ से अधिक की ठगी सामने आई है।
एक प्रमुख मामले में शिकायतकर्ता गौरव मेहरोत्रा (चंडीगढ़ निवासी) ने आरोप लगाया कि उसे और उसके एक मित्र को आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। इसके बदले आरोपी ने उनसे ₹11.80 लाख की राशि वसूल ली। बाद में न तो कोई नियुक्ति हुई और न ही पैसे वापस किए गए।
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इसी तरह कई अन्य मामलों में विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर ठगी की गई। पुलिस के अनुसार FIR संख्या 64 में एक व्यक्ति से करीब ₹9 लाख की ठगी का आरोप है, जबकि अन्य मामलों में ₹4.98 लाख से लेकर ₹16.91 लाख तक की धोखाधड़ी सामने आई है।
जांच में सामने आया है कि सेक्टर-17 में सक्रिय कुछ इमिग्रेशन कंपनियां खुद को अंतरराष्ट्रीय भर्ती एजेंट बताकर सोशल मीडिया और ऑफलाइन माध्यमों से लोगों को आकर्षित कर रही थीं। पहले उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और वीजा अप्लिकेशन के नाम पर पैसे लिए जाते थे, फिर बाद में विभिन्न बहानों से प्रक्रिया को लंबा खींचा जाता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कई मामलों में एक ही फर्म और उसके जुड़े लोगों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें “Nexus Glide Overseas”, “World Walk Immigration”, “The Visa Capital” और “Sky High Abroad Consultant” जैसे नाम सामने आए हैं। इन फर्मों पर आरोप है कि इन्होंने कई राज्यों के लोगों से विदेश में नौकरी का झूठा वादा कर रकम ऐंठी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें एजेंट, कॉलिंग टीम और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ मामलों में फर्जी ऑफर लेटर और नकली वीजा डॉक्यूमेंट भी तैयार किए गए थे।
पुलिस ने सभी मामलों में जांच तेज कर दी है और संबंधित फर्मों के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि कई पीड़ित सामने आ रहे हैं और शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
साइबर और आर्थिक अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश रोजगार और इमिग्रेशन से जुड़े ऐसे फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं, क्योंकि लोग बेहतर भविष्य की उम्मीद में बिना सत्यापन के भुगतान कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एजेंट या कंसल्टेंसी पर भरोसा करने से पहले उसके लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और पिछले रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि कोई भी कंपनी अगर सरकारी नौकरी या विदेशी वीजा की गारंटी देकर पैसे मांगती है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानें और इसकी जानकारी पुलिस को दें। जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
