नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 155 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई दिल्ली और गोवा में की गई व्यापक छापेमारी के बाद की गई, जिसमें वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब इस पूरे घोटाले के फंड ट्रेल और जुड़े हुए नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है।
ईडी की यह कार्रवाई महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 155 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड केस से संबंधित है। जांच एजेंसी के अनुसार, कई कंपनियों और व्यक्तियों ने मिलकर बैंकों से बड़ी राशि का कथित रूप से गलत तरीके से लाभ उठाया और बाद में उसे अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने सोमवार सुबह दीपक सिंगला, महेश सिंगला, अमरिक गिल और अन्य से जुड़े दिल्ली और गोवा के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर दीपक सिंगला को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि धोखाधड़ी की राशि किन-किन खातों और कंपनियों के जरिए आगे बढ़ाई गई।
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जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में कई शेल कंपनियों और फर्जी व्यावसायिक लेनदेन का इस्तेमाल किया गया था, ताकि बैंकिंग सिस्टम को गुमराह किया जा सके। शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, फंड को अलग-अलग राज्यों और खातों में घुमाकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक बैंक लोन धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक संगठित वित्तीय नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि इस कथित घोटाले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर निर्णय लिए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, दीपक सिंगला का नाम इस पूरे वित्तीय लेनदेन में सीधे तौर पर जुड़ा पाया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी अभी इस बात की पुष्टि कर रही है कि उनकी भूमिका कितनी सक्रिय और निर्णायक थी। इसके अलावा महेश सिंगला और अमरिक गिल की भूमिका की भी जांच समानांतर रूप से जारी है।
ईडी की टीम अब बैंक रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन डेटा का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर की गई है और इसका राजनीतिक दृष्टिकोण से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल दीपक सिंगला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि ईडी की टीमें पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बड़े पैमाने पर बैंकिंग धोखाधड़ी और फंड हेराफेरी से जुड़ा हुआ है, जिसकी तह तक पहुंचने में समय लग सकता है।
