मुंबई के कल्याण में PPO नंबर सत्यापन के बहाने रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी से ₹7 लाख की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है।

20 से ज्यादा कंपनियों को चूना लगाने वाला ₹3.5 करोड़ का ट्रेड फ्रॉड: गुरुग्राम में मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Team The420
4 Min Read

गुरुग्राम में आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े ट्रेड फ्रॉड का खुलासा करते हुए 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर 20 से अधिक कंपनियों से करीब ₹3.5 करोड़ की ठगी का आरोप है। आरोपी पर आरोप है कि वह क्रेडिट पर सामान मंगवाकर उसे बाजार में बेच देता था और बाद में चेक बाउंस कर सप्लायर्स को भुगतान नहीं करता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेक्टर-5 निवासी सौरभ गोयल के रूप में हुई है, जो Pushpanjali Enterprises का प्रोपराइटर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब कई प्रभावित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने 7 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-14 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से अलग-अलग कंपनियों से मसाले, जीरा, बादाम और अन्य किराना सामान बड़ी मात्रा में क्रेडिट पर खरीदा। शुरुआत में भरोसा बनाने के लिए छोटे लेनदेन में भुगतान किया गया, लेकिन बाद में बड़ी मात्रा में सामान लेकर भुगतान से इनकार कर दिया गया।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी कंपनियों को समय पर भुगतान का भरोसा देता था, जिसके आधार पर सप्लायर्स ने उसे माल उधार पर दे दिया। लेकिन बाद में जारी किए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए, जिससे कई कंपनियों को भारी नुकसान हुआ।

FCRF’s Flagship Cyber Law Certification Returns With a New Four-Week Cohort

पुलिस का कहना है कि माल मिलने के बाद आरोपी ने उसे खुले बाजार में बेच दिया और नकद रकम हासिल की, लेकिन सप्लायर्स का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह ऑफिस बंद कर मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी सौरभ गोयल ने कथित तौर पर अपने दो सहयोगियों मनीष और वीरेंद्र गोयल के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने यह भी माना कि उसने कई फर्मों से सामान लेकर जानबूझकर चेक बाउंस किए।

पुलिस ने अनुमान लगाया है कि कुल ठगी की रकम करीब ₹3.5 करोड़ है, हालांकि जांच आगे बढ़ने पर यह राशि और बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस बैंक खातों, लेनदेन रिकॉर्ड और सप्लाई दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला केवल एक सामान्य ठगी नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध हो सकता है, जिसमें सुनियोजित तरीके से कंपनियों का भरोसा जीतकर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी पहले छोटे ऑर्डर का भुगतान समय पर कर देता था, जिससे सप्लायर्स को भरोसा हो गया और उन्होंने बड़े ऑर्डर देना शुरू कर दिया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर बाद में करोड़ों की ठगी की गई।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी अन्य राज्यों में इसी तरह की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन, इनवॉइस और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच जारी है।

इस गिरफ्तारी को पुलिस ने मामले में एक बड़ी सफलता माना है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि असली नेटवर्क और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने के लिए जांच अभी जारी है।

हमसे जुड़ें

Share This Article