हरदोई। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए रिश्ते बनाने के बढ़ते चलन के बीच उत्तर प्रदेश के हरदोई से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला वकील ने आरोप लगाया कि जिस युवक से वह कई महीनों से WhatsApp पर बात कर रही थी और जिसे वह सेना में तैनात अधिकारी समझ रही थी, शादी के मंडप में उसकी जगह कोई दूसरा युवक पहुंच गया। जैसे ही दुल्हन ने कथित दूल्हे का चेहरा देखा, पूरे विवाह समारोह में हंगामा मच गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
घटना हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार महिला वकील की कुछ महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी एक युवक से पहचान हुई थी। युवक ने अपना नाम राहुल मिश्रा बताया था और दावा किया था कि वह भोपाल में सेना में कार्यरत है। दोनों के बीच करीब चार से पांच महीने तक लगातार WhatsApp पर बातचीत होती रही। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से विवाह तय कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि 12 और 13 मई की रात बारात शाहाबाद पहुंची और विवाह समारोह की तैयारियां शुरू हुईं। जयमाला से ठीक पहले जब दुल्हन ने दूल्हे का चेहरा करीब से देखा तो वह हैरान रह गई। उसका कहना था कि WhatsApp पर जिस युवक की तस्वीरें भेजी गई थीं और जिससे वीडियो व चैट के जरिए बातचीत होती थी, मंडप में मौजूद युवक वह नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक दुल्हन ने तुरंत परिवार और अपने वकील साथियों को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद मंडप में मौजूद लोगों ने कथित दूल्हे से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका नाम राहुल मिश्रा नहीं बल्कि देवेंद्र सिंह परिहार है। यह खुलासा होते ही समारोह में अफरा-तफरी फैल गई।
घटना से नाराज दुल्हन पक्ष के लोगों और वकीलों ने बारातियों को घेर लिया। मौके पर जमकर हंगामा हुआ और कथित दूल्हे समेत कई लोगों के साथ मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में शादी का माहौल तनावपूर्ण झड़प में बदल गया। सूचना मिलने के बाद शाहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने कथित दूल्हे और उसके साथ आए कई लोगों को भीड़ से निकालकर हिरासत में लिया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले में अब तक कुल नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है।
महिला वकील ने पुलिस के समक्ष आशंका जताई है कि यह केवल पहचान छिपाकर शादी करने का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह भी सक्रिय हो सकता है। उसने संदेह व्यक्त किया कि महिलाओं को निशाना बनाने, फर्जी पहचान तैयार करने और संभवतः मानव तस्करी जैसे अपराधों से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, देवेंद्र सिंह परिहार ने अपने बचाव में दावा किया है कि वह और युवती पिछले कई महीनों से प्रेम संबंध में थे और युवती ने ही उसे शादी के लिए बुलाया था। हालांकि उसने राहुल मिश्रा नाम के किसी व्यक्ति को जानने से इनकार किया है। इससे जांच और उलझ गई है कि आखिर महीनों तक युवती किस व्यक्ति से बातचीत कर रही थी।
जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन, WhatsApp चैट, सोशल मीडिया प्रोफाइल, कॉल रिकॉर्ड और साझा किए गए फोटो-वीडियो की फॉरेंसिक जांच की तैयारी कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी पहचान किसने बनाई और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।
प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह के अनुसार सोशल मीडिया आधारित “रोमांस फ्रॉड” और पहचान बदलकर शादी करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक अपराधी अक्सर फर्जी प्रोफाइल, नकली सरकारी नौकरी और भावनात्मक विश्वास का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन रिश्तों में आगे बढ़ने से पहले पहचान और दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन जरूर करें।
