पुडुच्चेरी/पुडुकोट्टई (तमिलनाडु)। तमिलनाडु में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक पदाधिकारी को ₹25 करोड़ से अधिक की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सरवणन के रूप में हुई है, जो पार्टी के केंद्रीय जिला कार्यकारी समिति के सदस्य बताए जाते हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 100 से अधिक लोगों से भारी रकम वसूल की, लेकिन बाद में न तो निवेश राशि लौटाई और न ही वादा किए गए रिटर्न दिए।
हाई रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों की वसूली
जांच अधिकारियों ने बताया कि सरवणन ने पिछले कई वर्षों में अलग-अलग लोगों से निवेश और उधारी के नाम पर रकम जुटाई। आरोप है कि उसने लोगों को 30 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक निवेश करने के लिए प्रेरित किया और बदले में भारी मुनाफे का वादा किया।
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कई मामलों में उसने निजी जरूरतों और अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर भी लोगों से पैसे लिए। शुरुआत में कुछ भुगतान किए गए, लेकिन बाद में पूरी व्यवस्था ठप हो गई।
₹25 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कुल मिलाकर ₹25 करोड़ से अधिक की राशि अलग-अलग निवेशकों और उधारदाताओं से एकत्र की। पीड़ितों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से आरोपी से कोई संपर्क नहीं हो पाया था, जिसके बाद शक गहराया और शिकायतें दर्ज कराई गईं।
लगातार शिकायतों के बाद मामला जिला अपराध शाखा (District Crime Branch) तक पहुंचा, जिसने जांच शुरू की।
दूसरे राज्य से गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि शिकायतों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की गई और उसे एक अन्य राज्य से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुडुकोट्टई जिला अपराध शाखा कार्यालय लाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने लोगों को भरोसे में लेने के लिए अपनी राजनीतिक पहचान और संपर्कों का भी इस्तेमाल किया।
पीड़ितों का विरोध और तनाव
आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। 100 से अधिक पीड़ित वहां पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
कुछ लोगों ने गुस्से में मांग की कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए ताकि वे “खुद न्याय कर सकें”, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को शांत कराया।
राजनीतिक जुड़ाव को लेकर चर्चा तेज
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में राजनीतिक बदलाव और नई सरकार को लेकर चर्चा जारी है। आरोपी की पार्टी से जुड़ी पहचान के कारण यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी सुर्खियां बटोर रहा है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह वित्तीय लेन-देन और धोखाधड़ी के तथ्यों पर आधारित है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों, लेन-देन रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पैसे कहां-कहां निवेश किए गए या किन माध्यमों से डायवर्ट हुए।
पुलिस ने कहा है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यह भी संभव है कि इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हों।
निवेश घोटालों पर बढ़ती चिंता
यह मामला एक बार फिर उन वित्तीय ठगी मामलों की ओर इशारा करता है, जहां लोग अधिक मुनाफे के लालच में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना रजिस्टर्ड निवेश योजनाओं और व्यक्तिगत भरोसे पर आधारित स्कीमों में निवेश करना बेहद जोखिम भरा होता है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें।
निष्कर्ष
पुडुकोट्टई का यह ₹25 करोड़ निवेश घोटाला न केवल आर्थिक धोखाधड़ी का बड़ा मामला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह राजनीतिक या सामाजिक पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया जा सकता है।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और धन के प्रवाह की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
