हवाई में क्रिप्टो ATM पर सख्त नियम लागू, नकद से क्रिप्टो खरीद पर रोक लगाकर डिजिटल फ्रॉड रोकने की कोशिश।

हवाई में क्रिप्टो ATM पर सख्त नियम: ₹20,000 करोड़ फ्रॉड के बाद सरकार का बड़ा कदम, नकद से क्रिप्टो खरीद पर रोक

Team The420
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होनोलूलू (हवाई)। अमेरिका के हवाई राज्य में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी मामलों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है। राज्य विधायिका ने एक नया कानून पारित किया है, जिसके तहत क्रिप्टोकरेंसी एटीएम (कियोस्क) पर कड़े नियम लागू किए जाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में क्रिप्टो फ्रॉड से लगभग $240 मिलियन (करीब ₹20,000 करोड़) से अधिक के नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।

नए नियमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है, जिन्हें अक्सर साइबर ठग निशाना बनाते हैं।

नकद से क्रिप्टो खरीद पर रोक

नए कानून के तहत अब उपभोक्ता क्रिप्टो एटीएम में नकद जमा करके क्रिप्टोकरेंसी नहीं खरीद सकेंगे। हालांकि, जिन लोगों के पास पहले से क्रिप्टो संपत्ति मौजूद है, वे उसे नकद में बदल सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य उन धोखाधड़ी योजनाओं पर रोक लगाना है, जिनमें स्कैमर्स लोगों को डराकर या भ्रमित करके नकद जमा करवाते हैं और फिर उसे क्रिप्टो में बदलकर पैसे को ट्रैक से बाहर कर देते हैं।

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हवाई हाउस ऑफ कंज्यूमर प्रोटेक्शन एंड कॉमर्स कमेटी के अध्यक्ष और बिल पेश करने वाले प्रतिनिधि स्कॉट जे. मतायोशी ने कहा कि यह कानून विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (kupuna) की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, जो इस तरह की धोखाधड़ी का सबसे अधिक शिकार होते हैं।

कैसे हो रही थी ठगी?

अधिकारियों के अनुसार, क्रिप्टो स्कैम में सबसे आम तरीका यह है कि ठग खुद को पुलिस अधिकारी, कोर्ट अधिकारी या सरकारी एजेंट बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद पीड़ितों को तुरंत नकद जमा करने या क्रिप्टो खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।

एक बार पैसा क्रिप्टो में बदल जाने के बाद उसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे स्कैमर्स आसानी से धन को विदेशी खातों या डिजिटल वॉलेट्स में ट्रांसफर कर देते हैं।

₹20,000 करोड़ का बड़ा नुकसान

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 के पहले छह महीनों में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्कैम्स के कारण लगभग $240 मिलियन (करीब ₹20,000 करोड़) का नुकसान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा लगातार बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीरता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो एटीएम का इस्तेमाल तेजी से मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के लिए किया जा रहा था, जिसे नियंत्रित करना अब अनिवार्य हो गया था।

कानून का उद्देश्य: सुरक्षा और पारदर्शिता

नए कानून के तहत हवाई सरकार दो प्रमुख लक्ष्यों पर काम कर रही है—

1. उपभोक्ताओं को डिजिटल फ्रॉड से बचाना

2. क्रिप्टो लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना

अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराध के तरीके भी तेजी से विकसित हो रहे हैं, इसलिए नियमों को सख्त बनाना जरूरी हो गया था।

बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर

कानून बनाने वालों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बुजुर्ग नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे थे। कई मामलों में उन्हें फोन कॉल या संदेशों के जरिए डराकर बड़ी रकम क्रिप्टो एटीएम में जमा कराई गई।

अधिकारियों का मानना है कि यह कानून कमजोर वर्गों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

क्रिप्टो उद्योग पर असर

नए नियमों का असर क्रिप्टो एटीएम ऑपरेटरों और डिजिटल करेंसी सेवाओं पर पड़ेगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम शुरुआती तौर पर असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन लंबे समय में यह सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा।

क्रिप्टो उद्योग पहले से ही कई देशों में सख्त नियामक जांच के दायरे में है, और हवाई का यह फैसला उसी वैश्विक रुझान का हिस्सा माना जा रहा है।

निष्कर्ष

हवाई में क्रिप्टो एटीएम पर लगाया गया यह नया प्रतिबंध डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ₹20,000 करोड़ से अधिक के नुकसान के बाद सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि तकनीक का उपयोग नागरिक सुरक्षा के साथ समझौता करके नहीं किया जा सकता।

अब देखना यह होगा कि क्या अन्य अमेरिकी राज्य और देश भी इसी तरह के सख्त नियम अपनाते हैं या नहीं।

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