चेन्नई में क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, आरोपी पर कई लोगों को फंसाने का आरोप।

नोएडा: WhatsApp ट्रेडिंग जाल में फंसा शख्स, शेयर निवेश के नाम पर ₹56 लाख की साइबर ठगी

Team The420
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नोएडा। साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें सेक्टर-53 निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करीब ₹56.93 लाख की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पीड़ित को तेजी से मुनाफे का लालच देकर फंसाया और धीरे-धीरे 24 अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में पूरी रकम ट्रांसफर करवा ली।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को 9 फरवरी को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां लगातार शेयर बाजार में कथित बड़े मुनाफे के स्क्रीनशॉट, ग्राफ और “गाइडेड इन्वेस्टमेंट प्लान” साझा किए जा रहे थे। ग्रुप के एडमिन ने बाद में उसे एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसे कथित तौर पर प्रोफेशनल ट्रेडिंग के लिए विकसित बताया गया था।

शुरुआत में पीड़ित ने भरोसा करते हुए ₹50,000 का निवेश किया। इसके बाद एप्लिकेशन पर उसे फर्जी प्रॉफिट दिखाए गए, जिससे उसका विश्वास और बढ़ गया। इसी भरोसे के आधार पर उसने अलग-अलग किस्तों में निवेश जारी रखा और धीरे-धीरे कुल राशि ₹56.93 लाख तक पहुंच गई।

पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, जब उसने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो उससे पहले अतिरिक्त चार्ज और प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहा गया। कई बार अनुरोध करने के बावजूद उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और बाद में ग्रुप और एप्लिकेशन दोनों से उसका संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया।

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संदेह बढ़ने पर पीड़ित ने खुद जांच की और पाया कि यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के जरिए ठगी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन ट्रेल की गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी ट्रेडिंग एप्स के जरिए लोगों को निशाना बनाता है। ऐसे गिरोह पहले छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश कराकर अचानक संपर्क तोड़ देते हैं।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि व्हाट्सएप इन्वेस्टमेंट स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें फर्जी ग्रुप बनाकर निवेश के झूठे अवसर दिखाए जाते हैं। इन ग्रुप्स में शेयर बाजार के नकली चार्ट, स्क्रीनशॉट और फर्जी रिटर्न दिखाकर लोगों को भ्रमित किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन मामलों में इस्तेमाल होने वाले एप्लिकेशन पूरी तरह ठगों के नियंत्रण में होते हैं, जहां बैलेंस और मुनाफा केवल दिखावा होता है। असली पैसा कई बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता है ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया निवेश योजना पर भरोसा न करें, खासकर जब उसमें निश्चित और उच्च मुनाफे का दावा किया जा रहा हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध निवेश योजना गारंटीड रिटर्न की बात नहीं करती।

फिलहाल पुलिस तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह से और भी लोग प्रभावित हो सकते हैं।

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