नई दिल्ली। देश में साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति के बीच अब उन पुलिस अधिकारियों, साइबर सेल, साइबर क्राइम थानों, जांच इकाइयों और कानून प्रवर्तन टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की पहल की गई है, जो डिजिटल अपराधों से निपटने के मोर्चे पर उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
Future Crime Research Foundation ने FCRF Excellence Awards 2026 के लिए नामांकन खोल दिए हैं। ये पुरस्कार 6 और 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाले FutureCrime Summit 2026 के दौरान प्रदान किए जाएंगे। यह मंच साइबर अपराध, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी-आधारित अपराधों पर केंद्रित राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख आयोजनों में शामिल है।
इस वर्ष पुरस्कारों को दो प्रमुख ट्रैक में संरचित किया गया है। पहला ट्रैक साइबर, रिस्क, डिजिटल ट्रस्ट और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े पेशेवरों और संस्थानों के लिए है, जबकि दूसरा विशेष रूप से पुलिसिंग और कानून प्रवर्तन के लिए रखा गया है। इसी ट्रैक में राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय पुलिस बलों, साइबर क्राइम यूनिट्स, साइबर पुलिस स्टेशनों, जांच अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नामांकन का अवसर दिया गया है।
किन पुलिस अधिकारियों और यूनिट्स के लिए हैं ये अवॉर्ड
FCRF Excellence Awards का साइबर पुलिसिंग ट्रैक उन अधिकारियों और इकाइयों को पहचान देने के लिए तैयार किया गया है, जिन्होंने साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल सबूतों के संरक्षण, साइबर फॉरेंसिक, ऑनलाइन फ्रॉड रिस्पॉन्स, सोशल मीडिया अपराधों की जांच, साइबर पेट्रोलिंग, हेल्पलाइन संचालन और साइबर लैब विकास जैसे क्षेत्रों में प्रभावी योगदान दिया है।
यह ट्रैक केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं है। इसमें वे पुलिस अधिकारी, जांच अधिकारी, साइबर सेल सदस्य, साइबर थाने, जिला स्तर की साइबर यूनिट्स, राज्य साइबर क्राइम विंग, केंद्रीय कानून प्रवर्तन इकाइयां और विशेष जांच टीमें भी शामिल हो सकती हैं, जिन्होंने वास्तविक मामलों, नागरिक सहायता, तकनीकी जांच या संस्थागत क्षमता निर्माण में उल्लेखनीय काम किया है।
साइबर पुलिसिंग ट्रैक की श्रेणियां इस प्रकार हैं:
- FCRF Excellence Award in Cyber Policing
- FCRF Excellence Award in Cyber Crime Investigation
- FCRF Excellence Award in State Cybercrime Response
- FCRF Excellence Award in Cyber Forensics
- FCRF Excellence Award in Cyber Intelligence Operations
- FCRF Excellence Award in Social Media Crime Investigation
- FCRF Excellence Award in Cyber Patrol and Monitoring
- FCRF Excellence Award in Digital Policing Innovation
- FCRF Excellence Award in Cyber Helpline Operations
- FCRF Excellence Award in Cyber Lab Development
इन श्रेणियों के जरिए उन प्रयासों को सामने लाने की कोशिश की गई है, जो अक्सर केस डायरी, साइबर हेल्पलाइन, डिजिटल ट्रेसिंग, बैंकिंग फ्रॉड रिकवरी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, फॉरेंसिक रिपोर्ट और जमीनी जांच के स्तर पर दिखाई देते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से पर्याप्त पहचान नहीं पा पाते।
डिजिटल अपराधों के दौर में पुलिसिंग की बदलती भूमिका
भारत में साइबर अपराध अब केवल तकनीकी उल्लंघन का मामला नहीं रह गया है। डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, सेक्सटॉर्शन, सोशल मीडिया इम्पर्सनेशन, बैंकिंग फ्रॉड, क्रिप्टो-आधारित ठगी, फेक कस्टमर केयर नेटवर्क और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों ने पुलिसिंग के स्वरूप को बदल दिया है।
ऐसे मामलों में पारंपरिक जांच कौशल के साथ तकनीकी समझ, डिजिटल सबूतों की हैंडलिंग, बैंकिंग चैनलों से समन्वय, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डेटा अनुरोध, कॉल डिटेल और आईपी लॉग विश्लेषण, पीड़ित सहायता और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बेहद जरूरी हो गई है।
FCRF Excellence Awards का पुलिसिंग ट्रैक इसी बदलती भूमिका को मान्यता देता है। यह उन अधिकारियों और टीमों को सामने लाने का प्रयास है, जिन्होंने साइबर अपराध के मामलों में केवल गिरफ्तारी या चार्जशीट तक सीमित न रहकर पीड़ितों की राहत, फ्रॉड अमाउंट फ्रीजिंग, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण, साइबर जागरूकता और इंटर-एजेंसी समन्वय जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी काम किया है।
विशेषज्ञ जूरी के सामने मूल्यांकन
FCRF Excellence Awards 2026 के लिए प्राप्त नामांकनों का मूल्यांकन FCRF Excellence Awards टीम द्वारा किया जाएगा और चयन प्रक्रिया के तहत उन्हें प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष रखा जाएगा। जूरी में पुलिसिंग, रक्षा, साइबर सुरक्षा, साइबर कानून, डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवा से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हैं।
जूरी पैनल में प्रो. डॉ. विक्रम सिंह, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश; मेजर जनरल संदीप शर्मा; अरुण कुमार, पूर्व महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल; डॉ. गुलशन राय, पूर्व महानिदेशक, CERT-In; AVM डॉ. देवेश वत्स; सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता डॉ. पवन दुग्गल; और प्रो. त्रिवेणी सिंह, पूर्व IPS और Future Crime Research Foundation के चीफ मेंटर शामिल हैं।
चयन प्रक्रिया में नामांकन, कार्य के प्रभाव, संस्थागत योगदान, जांच की गुणवत्ता, सार्वजनिक सुरक्षा में भूमिका, नवाचार और साइबर अपराध प्रतिक्रिया की क्षमता जैसे पहलुओं को महत्व दिया जा सकता है। शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों से अतिरिक्त विवरण, स्पष्टीकरण या सहायक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
पुलिस और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए खुला अवसर
FCRF Excellence Awards 2026 का साइबर पुलिसिंग ट्रैक राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय पुलिस बलों, साइबर क्राइम थानों, साइबर सेल, विशेष जांच टीमों, साइबर हेल्पलाइन यूनिट्स, साइबर लैब्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों के लिए खुला है।
यह अवसर उन अधिकारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिन्होंने साइबर अपराध के मामलों में जमीनी स्तर पर काम किया है, नागरिकों को राहत दिलाई है, तकनीकी जांच को मजबूत किया है, राज्य या जिला स्तर पर साइबर रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया है, या साइबर पुलिसिंग में नए मॉडल और नवाचार लागू किए हैं।
विजेताओं को FutureCrime Summit 2026 के दौरान राष्ट्रीय स्तर के मंच पर सम्मानित किया जाएगा, जहां कानून प्रवर्तन अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, डिजिटल फॉरेंसिक प्रोफेशनल्स, वकीलों, शोधकर्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।
