KPSC वेटरिनरी डॉक्टर भर्ती परीक्षा में 70-80 सवाल लीक करने और 20 अभ्यर्थियों से कथित रिश्वत वसूली के आरोपों के बीच IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार की ED हिरासत 3 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।

70-80 सवाल लीक, 20 अभ्यर्थियों से करोड़ों की वसूली का आरोप; KPSC घोटाले में IAS अफसर की हिरासत बढ़ी

Team The420
7 Min Read

बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरिनरी डॉक्टर भर्ती परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और रिश्वतखोरी की जांच का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत को बताया कि निलंबित IAS अधिकारी और KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से पूछताछ के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी कथित अनियमितताओं और रिश्वत के लेनदेन की जांच शुरू हुई है। अदालत ने गंगवार की ईडी हिरासत आठ दिन बढ़ाकर 3 अक्टूबर तक कर दी है।

ईडी ने शनिवार को अदालत में सीलबंद लिफाफे में अपनी जांच से जुड़े निष्कर्ष पेश किए। एजेंसी के मुताबिक, गंगवार से पूछताछ और KPSC के एक अधिकारी के ठिकाने से मिले दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद जांच को वेटरिनरी डॉक्टर भर्ती से आगे ले जाने के आधार मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि दूसरी परीक्षाओं में भी KPSC अधिकारियों को कथित भुगतान किए जाने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेनदेन का भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के चयन से क्या संबंध था।

पूछताछ के दौरान गंगवार ने कथित तौर पर कई अधिकारियों द्वारा परीक्षा और साक्षात्कार के चरण में अभ्यर्थियों के चयन में मदद के बदले रिश्वत लेने की जानकारी दी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है। ईडी ने अदालत को बताया कि सामने आई जानकारियों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जरूरत है। अदालत ने भी माना कि पूछताछ से जांच की नई दिशाएं खुली हैं और उनकी पुष्टि के लिए गंगवार से आगे पूछताछ आवश्यक है।

FCRF Launches CP-FRM to Build India’s Next Generation of Fraud Risk Professionals

जांच में गंगवार के बैंक खातों से जुड़े लेनदेन भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। ईडी के अनुसार, पिछले वर्ष उनके दो रिश्तेदारों के बैंक खातों में कुल ₹26 लाख जमा कराए गए थे। एजेंसी का कहना है कि इन रकम के स्रोत को लेकर गंगवार संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह पैसा कहां से आया और क्या इसका संबंध कथित भर्ती घोटाले से हुई कमाई से था।

वेटरिनरी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा से जुड़ा प्रश्नपत्र लीक मामले में भी पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। ईडी के अनुसार, गंगवार ने कथित तौर पर बताया कि 8 और 9 जनवरी को हुई परीक्षा से एक दिन पहले 7 जनवरी को उन्होंने करीब 70 से 80 सवालों के उत्तर पेन ड्राइव के जरिए बिचौलिए बसवराज कन्नाले को दिए थे। गंगवार के कथित बयान के मुताबिक, उन्हें लगा था कि यह सामग्री एक या दो लोगों तक सीमित रहेगी, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि कन्नाले ने इसे करीब 10 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।

जांच में बिचौलिए कन्नाले की भूमिका भी सामने आई है। उस पर आरोप है कि उसने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 20 अभ्यर्थियों से ₹20 लाख से ₹40 लाख तक की रकम वसूली। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से एक दिन पहले इन अभ्यर्थियों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में किराए पर ली गई चार विला में ठहराया गया था। आरोप है कि वहीं उन्हें लीक हुए सवाल उपलब्ध कराए गए और बाद में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया।

इस मामले में कथित पैसे के इस्तेमाल की जांच भी जारी है। सीआईडी की जांच में आरोप सामने आया है कि अभ्यर्थियों से जुटाई गई रकम का एक हिस्सा गंगवार से जुड़ी एक महिला के लिए महंगे आभूषण खरीदने में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियों ने बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत विभिन्न डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच की है। करीब ₹52 लाख के आभूषणों की खरीद का भी उल्लेख जांच में किया गया है। ईडी अब लगभग ₹23 लाख की आभूषण खरीद से जुड़े दस्तावेजों और धन के स्रोत की भी पड़ताल कर रही है।

ईडी ने अदालत से हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि उसे कथित प्रश्नपत्र की कॉपी करने में इस्तेमाल पेन ड्राइव बरामद करनी है। इसके अलावा एजेंसी दूसरे लाभार्थियों की पहचान, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, आभूषणों की खरीद और कथित अपराध से हुई आय के स्रोत का पता लगाना चाहती है। बचाव पक्ष ने हिरासत बढ़ाने का विरोध करते हुए दलील दी कि ईडी मूल मामले से आगे जांच का विस्तार नहीं कर सकती और गंगवार के खिलाफ पर्याप्त आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हिरासत 3 अक्टूबर तक बढ़ा दी।

अदालत ने बिचौलिए बसवराज कन्नाले को दोबारा पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट भी जारी किया है। ईडी के अनुसार, कन्नाले ने कथित तौर पर गंगवार को ₹1.30 करोड़ नकद देने और उनके लिए आभूषण खरीदने की बात कही है। गंगवार ने इन आरोपों से इनकार किया है। अब एजेंसी कन्नाले से पूछताछ के जरिए कथित धन प्रवाह, अभ्यर्थियों और अन्य संभावित लाभार्थियों के बीच संबंधों की जांच करना चाहती है।

वेटरिनरी डॉक्टर भर्ती परीक्षा में 400 सरकारी पदों के लिए करीब 1,400 उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से 329 का चयन हुआ। मामला 24 जुलाई को तब सामने आया, जब असफल अभ्यर्थी डॉ. एस. मंजूनाथ ने एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 29 ऐसे उम्मीदवारों ने 600 में 450 से अधिक अंक हासिल किए, जिनका शैक्षणिक रिकॉर्ड कथित तौर पर कमजोर था। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू हुई और मामला प्रश्नपत्र लीक तथा कथित रिश्वतखोरी तक पहुंच गया।

गंगवार 2024 से मार्च 2026 तक KPSC के परीक्षा नियंत्रक रहे थे। उन्हें 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। अब ईडी की जांच में मामला केवल 400 वेटरिनरी पदों की भर्ती तक सीमित नहीं रह गया है। एजेंसी दूसरी KPSC परीक्षाओं में कथित रिश्वतखोरी, उम्मीदवारों के चयन और पैसों के प्रवाह की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article