कोयंबटूर में UK में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ₹20 लाख की कथित ठगी के मामले में दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

UK में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹20 लाख की ठगी, दंपती समेत तीन के खिलाफ केस

Team The420
4 Min Read

कोयंबटूर। ब्रिटेन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ₹20 लाख की कथित ठगी के मामले में कोयंबटूर पुलिस ने एक दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान के. अरविंदकुमार, उनकी पत्नी युगन्या विंसेंट और उनके दोस्त थंगा रॉबिन्सन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता से रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो ब्रिटेन में नौकरी की व्यवस्था की और न ही वीजा दिलाया। मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मामला न्यू सिद्धापुदुर के एनवीएन लेआउट निवासी 40 वर्षीय मनोह किंग्स्टन की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, किंग्स्टन की पहचान एक रिश्तेदार के माध्यम से अरविंदकुमार से हुई थी। बातचीत के दौरान अरविंदकुमार ने अपने दोस्त थंगा रॉबिन्सन से उनका परिचय कराया। रॉबिन्सन ने कथित तौर पर खुद को ब्रिटेन में रहने वाला कारोबारी बताया।

FCRF Launches CP-FRM to Build India’s Next Generation of Fraud Risk Professionals

पुलिस के मुताबिक, अरविंदकुमार और रॉबिन्सन ने किंग्स्टन को भरोसा दिलाया कि वे ब्रिटेन में रोजगार दिलाने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए अरविंदकुमार और उनकी पत्नी युगन्या द्वारा संचालित एक कारोबारी प्रतिष्ठान के माध्यम से नौकरी की व्यवस्था कराने का दावा किया गया। ब्रिटेन में रोजगार मिलने की उम्मीद में किंग्स्टन ने आरोपियों पर भरोसा किया और रकम देना शुरू किया।

शिकायत के अनुसार, किंग्स्टन ने 8 दिसंबर 2023 को ऑनलाइन माध्यम से अरविंदकुमार और युगन्या को ₹10 लाख का भुगतान किया। इसके बाद 14 से 17 फरवरी 2024 के बीच उन्होंने अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के जरिए अरविंदकुमार और थंगा रॉबिन्सन को एक और ₹10 लाख दिए। इस तरह नौकरी और विदेश भेजने की व्यवस्था के नाम पर कुल ₹20 लाख का भुगतान किया गया।

हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर ब्रिटेन में नौकरी या वीजा की व्यवस्था नहीं की। जब किंग्स्टन ने अपने पैसे और नौकरी की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताते हुए उन्हें लगातार टालना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक आश्वासन दिए जाने के बावजूद रोजगार और वीजा की व्यवस्था नहीं हुई।

किंग्स्टन ने इस मामले में 25 सितंबर 2026 को कट्टूर पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब भुगतान से जुड़े ऑनलाइन लेनदेन, आरोपियों और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत तथा विदेश में नौकरी दिलाने के किए गए दावों की जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने कथित तौर पर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति से भी पैसे लिए थे या नहीं। पुलिस को आशंका है कि यदि इसी तरह की शिकायतें सामने आती हैं तो मामले में ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में आमतौर पर नौकरी, वीजा, वेतन और विदेशी कंपनी में नियुक्ति का भरोसा देकर लोगों से पहले बड़ी रकम ली जाती है। इस मामले में भी पुलिस भुगतान की पूरी श्रृंखला और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक सामने आए आरोप शिकायत पर आधारित हैं और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध डिजिटल तथा वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article