पुणे की 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर से विवाह वेबसाइट पर बने ऑनलाइन रिश्ते और विदेशी पार्सल के नाम पर ₹5.88 लाख की कथित ठगी हुई।

अमेरिका ने उत्तर कोरिया से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क पर कसा शिकंजा, मैसेजिंग आधारित बाजार पर प्रतिबंध

Team The420
5 Min Read

नई दिल्ली। अमेरिका ने उत्तर कोरियाई साइबर अपराधियों और चीन से जुड़े आपराधिक नेटवर्क द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे एक ऑनलाइन बाजार पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने Xinbi Guarantee नाम के चीनी भाषा वाले ऑनलाइन मंच को साइबर ठगी, धोखाधड़ी, धन शोधन और अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली अन्य आपराधिक गतिविधियों में सहयोग देने के आरोप में प्रतिबंधित किया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार Xinbi Guarantee पहले Telegram पर संचालित होता था और विभिन्न देशों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता था। इस मंच के जरिये कथित तौर पर ठगी केंद्र चलाने वाले गिरोहों को वित्तीय सेवाएं, तकनीकी सुविधाएं और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोगों से जोड़ा जाता था।

अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि Xinbi Guarantee के मंच का इस्तेमाल उत्तर कोरियाई हैकरों के अलावा पहले से प्रतिबंधित कई संस्थाओं ने भी किया। इनमें Jin Bei Group और Prince Group से जुड़ी संस्थाएं शामिल हैं। Prince Group को एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन के रूप में चिह्नित किया गया है।

FCRF Launches India-Focused BFSI Compliance Certification for Emerging Governance Professionals

जांच के अनुसार Xinbi Guarantee इन नेटवर्कों को एस्क्रो सेवाएं उपलब्ध कराता था। ऐसी व्यवस्था में लेनदेन के दौरान रकम को सुरक्षित रखने और भुगतान पूरा कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई जाती है। अधिकारियों का आरोप है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल साइबर अपराध और विभिन्न प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े अभियानों में किया गया।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि जून 2025 के आसपास Xinbi Guarantee ने अपने व्यापारियों और धन शोधन से जुड़े नेटवर्क को SafeW नामक अधिक गोपनीयता वाले एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड संदेश मंच की ओर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया था। Xinbi अपने उपयोगकर्ताओं को खरीदारों और विक्रेताओं के बीच समन्वय के लिए SafeW का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करता था।

Xinbi Guarantee की गतिविधियों का दायरा बेहद बड़ा बताया गया है। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार इस मंच के जरिये अब तक 24 अरब डॉलर से अधिक यानी करीब ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा मूल्य की डिजिटल परिसंपत्तियों का प्रसंस्करण हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन ठगी के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई तेज होने के बाद कई साइबर अपराधी अपने संचालन को जारी रखने के लिए Xinbi की ओर मुड़े।

इस नेटवर्क का संबंध 2024 में भारत के एक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज से हुई करीब 235 मिलियन डॉलर की चोरी से भी जोड़ा गया है। ब्लॉकचेन विश्लेषण के आधार पर जांच में सामने आया था कि उत्तर कोरियाई साइबर अपराधियों ने चोरी की रकम में से करीब 2.20 लाख डॉलर मूल्य की डिजिटल मुद्रा Xinbi से नियंत्रित पतों पर भेजी थी। आरोप है कि इसका इस्तेमाल चोरी की रकम के एक हिस्से को छिपाने और धन शोधन के लिए किया गया।

अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित ठगी केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। इन केंद्रों से अमेरिकी नागरिकों को निवेश, वित्तीय सेवाओं और अन्य योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का शिकार बनाए जाने के आरोप हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ऐसे आपराधिक नेटवर्क हर साल अरबों डॉलर की रकम ठगते हैं।

Prince Group से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ भी पहले व्यापक कार्रवाई की जा चुकी है। इस समूह पर ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी चलाने और मानव तस्करी के शिकार लोगों को जबरन ठगी के लिए इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। जांच में ऐसे पीड़ितों को धमकाने, शारीरिक हिंसा करने और यौन शोषण की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया के ठगी केंद्र हर साल अमेरिकी नागरिकों से अरबों डॉलर की रकम चोरी करते हैं और सरकार ऐसे विदेशी आपराधिक संगठनों को खत्म करने के लिए वित्तीय प्रतिबंधों सहित उपलब्ध सभी उपायों का इस्तेमाल करेगी।

नए प्रतिबंधों के बाद Xinbi Guarantee से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां प्रतिबंधों के दायरे में आ सकती हैं। साथ ही अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं के लिए प्रतिबंधित नेटवर्क से जुड़े लेनदेन पर रोक लागू होगी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य साइबर ठगी, धन शोधन और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की वित्तीय एवं तकनीकी आधारभूत संरचना को कमजोर करना है।

हमसे जुड़ें

Share This Article