पलवल में शेयर बाजार निवेश के नाम पर महिला से ₹30.09 लाख की कथित साइबर ठगी मामले में एक निजी कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है।

शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर पलवल की महिला से ₹30.09 लाख की ठगी, यूपी की कंपनी का निदेशक गिरफ्तार

Team The420
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पलवल। शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर पलवल की एक महिला से ₹30.09 लाख की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान धनंजय गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से ₹21.50 लाख एक निजी लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए थे।

मामला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी महिला की शिकायत से सामने आया। शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप के जरिए उससे संपर्क किया और खुद को शेयर बाजार से जुड़ा बताया। आरोपियों ने निवेश के जरिए बेहतर रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर महिला को एक व्हाट्सऐप समूह में जोड़ लिया। इसके बाद उसे निवेश के लिए एक मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया।

26 अगस्त से 4 सितंबर के बीच कई किस्तों में रकम ट्रांसफर कराई

पुलिस के मुताबिक, फर्जी मोबाइल एप पर निवेश के नाम पर महिला से 26 अगस्त से 4 सितंबर के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल ₹30 लाख 9 हजार 510 रुपये ट्रांसफर कराए गए। शुरुआत में निवेश और मुनाफे का भरोसा दिलाए जाने के बाद महिला ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में रकम भेजी। बाद में जब उसे अपने पैसे और कथित मुनाफे की निकासी में परेशानी हुई तो उसे ठगी का संदेह हुआ।

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इसके बाद महिला ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पलवल साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने रकम के लेनदेन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच शुरू की।

कंपनी के खाते में पहुंची ₹21.50 लाख की रकम

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से ₹21.50 लाख सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संचालित एक निजी लिमिटेड कंपनी के खाते में पहुंची थी। बैंकिंग लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खाते से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने पर कंपनी के निदेशक धनंजय गुप्ता की भूमिका सामने आई।

पुलिस ने इसके बाद धनंजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के पैकाली नेवादाकला का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में राजस्थान के जयपुर स्थित श्याम नगर सोडाला में रह रहा था।

मोबाइल और दो सिम कार्ड जब्त

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक ओप्पो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन में संदिग्ध व्हाट्सऐप खातों से हुई बातचीत, चैट और फोटो मिले हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी की भूमिका केवल बैंक खाते तक रकम पहुंचने तक सीमित थी या वह साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कंपनी के खाते में पहुंची रकम को आगे किन खातों में भेजा गया।

अन्य आरोपियों और रकम की बरामदगी पर जांच

आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के बाद जांच टीम उससे उसके संभावित साथियों और साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला को व्हाट्सऐप समूह में जोड़ने, फर्जी एप डाउनलोड कराने और रकम अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कराने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच एजेंसी अब ठगी की रकम की पूरी लेनदेन श्रृंखला खंगाल रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान और ठगी की रकम की बरामदगी की कोशिश की जा रही है।

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