बरेली में किसानों से जमीन खरीदने के नाम पर करोड़ों की कथित ठगी के मामले में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया है।

करोड़ों की जमीन ठगी में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार, ₹25 हजार का था इनाम

Team The420
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बरेली। किसानों से जमीन खरीदने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में बरेली क्राइम ब्रांच ने पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार किया है। गाजियाबाद निवासी कश्यप पर बरेली समेत कई जिलों में होटल और फैक्टरी के नाम पर जमीन खरीदने का झांसा देकर किसानों से रकम हड़पने का आरोप है। बरेली जिले के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ करीब 38 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। उस पर ₹25 हजार का इनाम भी घोषित था।

क्राइम ब्रांच ने पन्नालाल कश्यप को मेरठ से गिरफ्तार किया और बरेली लाकर भोजीपुरा थाना पुलिस को सौंप दिया। उसके खिलाफ भोजीपुरा थाने में पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा जिले में दर्ज अन्य मामलों की विवेचना के दौरान भी उसका नाम सामने आया है।

किसानों से जमीन खरीद के नाम पर ठगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, पन्नालाल कश्यप और उससे जुड़े लोगों ने किसानों को जमीन पर होटल, फैक्टरी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां विकसित करने का भरोसा देकर जमीन खरीदने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने किसानों से संपर्क किया गया और कई मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई। पुलिस को आशंका है कि इस कथित नेटवर्क में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय अन्य लोग भी शामिल हैं।

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पीड़ित किसान लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, कई पीड़ित करीब तीन साल से मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद शिकायतों पर मुकदमे दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

करीब 38 मुकदमों में सामने आया नाम

जांच के दौरान पन्नालाल कश्यप के खिलाफ बरेली जिले के विभिन्न थानों में करीब 38 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक मामले भोजीपुरा और मीरगंज थाना क्षेत्रों से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस अब इन मामलों में उसकी भूमिका के साथ उससे जुड़े अन्य लोगों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

पन्नालाल कश्यप की तलाश में क्राइम ब्रांच ने पहले गाजियाबाद में दबिश दी थी। वहां से वह पुलिस टीम को चकमा देकर निकल गया। इसके बाद टीम ने उसकी तलाश तेज कर दी। जांच के आधार पर क्राइम ब्रांच ने मेरठ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

वर्ष 2007 में रहा था दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री

पुलिस के मुताबिक, पन्नालाल कश्यप वर्ष 2007 में बसपा सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहा है। उसके पुराने राजनीतिक संपर्कों और प्रभाव की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में उसके साथ कौन-कौन लोग सक्रिय थे।

थाना पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंपी गई विवेचना

पीड़ितों की शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के आरोपों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामलों को गंभीरता से लिया। इसके बाद इन मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। विवेचना स्थानांतरित होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की।

जांच में जमीन से जुड़े दस्तावेज, किसानों के साथ हुए कथित लेनदेन, रकम के हस्तांतरण और आरोपियों के बीच संबंधों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि जमीन खरीदने के नाम पर कितने किसानों से रकम ली गई और इस कथित नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल हैं।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी

पुलिस के मुताबिक, पन्नालाल कश्यप से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आ सकती है। जांच में नाम सामने आए लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि किसानों के साथ जमीन खरीद के नाम पर हुई कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामलों को एक साथ जोड़कर जांच की जा रही है। पन्नालाल कश्यप के खिलाफ दर्ज मुकदमों और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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