अमेरिका में नागरिकता और आव्रजन व्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता मिलने से जुड़े नियमों को सीमित करने और विदेशी नागरिकों के ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाने की दिशा में नए कदम उठाए हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को ट्रंप द्वारा जारी दो नए कार्यकारी आदेशों के साथ एक तथ्य पत्र जारी कर प्रशासन की आव्रजन नीति और सीमा सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी दी।
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, नए आदेशों का एक प्रमुख उद्देश्य उन मामलों पर नियंत्रण करना है, जिनमें विदेशी नागरिक अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से वहां जाते हैं ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके। प्रशासन ऐसे मामलों को ‘बर्थ टूरिज्म’ के रूप में देखता है और जन्म आधारित नागरिकता के नियमों के तहत पात्र लोगों के दायरे को सीमित करने की कोशिश कर रहा है।
जन्म आधारित नागरिकता अमेरिका में लंबे समय से संवैधानिक और कानूनी बहस का विषय रही है। ट्रंप प्रशासन की ओर से इस व्यवस्था में बदलाव का प्रयास किए जाने के बाद इसके कानूनी प्रभावों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे किसी बड़े बदलाव को अदालतों में चुनौती मिलने की संभावना बनी हुई है और अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया तथा लागू कानूनों की व्याख्या पर निर्भर करेगी।
व्हाइट हाउस के तथ्य पत्र के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने अवैध आव्रजन के खिलाफ अपने अभियान को तेज किया है। प्रशासन ने दावा किया है कि उसने 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकाल दिया है। साथ ही, प्रशासन का कहना है कि पिछले 15 महीनों से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वालों की संख्या पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा गया है।
प्रशासन ने बाहर निकाले गए लोगों में गंभीर और हिंसक अपराधों में शामिल हजारों लोगों के होने का भी दावा किया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि सीमा सुरक्षा और आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू करने से देश में अवैध प्रवेश पर नियंत्रण मजबूत हुआ है। हालांकि, ऐसे आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा उनकी परिभाषाओं को समझना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि निर्वासन और अवैध प्रवेश के आंकड़ों में प्रशासनिक श्रेणियां अलग-अलग हो सकती हैं।
ट्रंप प्रशासन ने वीजा व्यवस्था में भी सख्ती का दावा किया है। सरकार के अनुसार, 75 से अधिक देशों के लिए वीजा प्रक्रिया पर अस्थायी रोक या प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और उन लोगों की पृष्ठभूमि की अधिक सख्ती से जांच करने के लिए उठाया गया है, जिन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जानी है।
आव्रजन नीति के तहत सरकारी सहायता से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का दावा किया गया है। प्रशासन के अनुसार, 14 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अनुचित तरीके से मिल रहे सरकारी लाभों को रद्द किया गया है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल केवल उन लोगों के लिए होना चाहिए जो संबंधित योजनाओं के तहत कानूनी रूप से पात्र हैं।
बर्थ टूरिज्म पर कार्रवाई का असर उन विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है जो अमेरिका में अस्थायी यात्रा के दौरान बच्चे के जन्म को नागरिकता हासिल करने की रणनीति के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। प्रशासन ऐसे मामलों को आव्रजन व्यवस्था के दुरुपयोग के रूप में देख रहा है और वीजा तथा प्रवेश प्रक्रिया में अतिरिक्त जांच की नीति अपना रहा है।
हालांकि, जन्म आधारित नागरिकता में व्यापक बदलाव केवल प्रशासनिक आदेश से स्थायी रूप से लागू करना आसान नहीं होगा। अमेरिकी संविधान, संघीय कानून और अदालतों के पुराने फैसले इस विषय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए ट्रंप प्रशासन के नए कदमों पर कानूनी चुनौती और न्यायिक समीक्षा की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर, नए कार्यकारी आदेश ट्रंप प्रशासन की व्यापक ‘America First’ आव्रजन नीति का हिस्सा हैं। सरकार अवैध प्रवेश, बर्थ टूरिज्म, वीजा प्रक्रिया और सरकारी लाभों के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में अदालतों के फैसले यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि जन्म आधारित नागरिकता को सीमित करने की कोशिश किस सीमा तक कानूनी रूप से टिकती है और इसका अमेरिका में रहने वाले विदेशी परिवारों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
