बेंगलुरु: व्हाइटफील्ड इलाके में रहने वाले 82 वर्षीय बुजुर्ग कथित ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जुड़ा कथित मॉर्फ्ड वीडियो दिखाकर उन्हें फर्जी निवेश योजना में फंसाया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹28.5 लाख ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता तब चला, जब बुजुर्ग ने निवेश की रकम और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की और आरोपियों ने उनसे अतिरिक्त भुगतान की मांग शुरू कर दी।
मामले में व्हाइटफील्ड CEN क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर सोमवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, WhatsApp बातचीत और कथित फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया।
शिकायत के मुताबिक, घटना की शुरुआत 14 अप्रैल 2026 को हुई। बुजुर्ग सोशल मीडिया पर केंद्रीय वित्त मंत्री और निवेश के अवसरों से संबंधित एक वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान राजवीर नाम बताने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर उनसे संपर्क किया। उसने बुजुर्ग को एक वेबसाइट के माध्यम से निवेश करने की सलाह दी।
इसके बाद अशोक कोहली नाम से एक अन्य व्यक्ति ने WhatsApp के जरिए उनसे संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कई विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया और निवेश पर ऊंचे रिटर्न का भरोसा दिलाया। उसने बुजुर्ग को एक लिंक भेजा और उस पर जाकर निवेश से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा।
आरोपियों ने कथित तौर पर बुजुर्ग को एक फर्जी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने के बाद रकम जमा करने के लिए कहा। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि निवेश की रकम पर मुनाफा मिलेगा और वे जरूरत पड़ने पर अपनी मूल रकम के साथ लाभ भी निकाल सकेंगे। इन दावों पर विश्वास करते हुए बुजुर्ग ने शुरुआत में ₹18,587 का निवेश किया।
शिकायत के अनुसार, शुरुआती निवेश के बाद कथित ठगों ने उन्हें अधिक रकम लगाने के लिए लगातार प्रेरित किया। आरोपियों ने ज्यादा निवेश करने पर अधिक मुनाफा मिलने का दावा किया। इस झांसे में आकर बुजुर्ग ने अलग-अलग चरणों में आरोपियों की ओर से उपलब्ध कराए गए कई बैंक खातों में कुल ₹28.5 लाख ट्रांसफर कर दिए।
रकम निकालने पर सामने आया ठगी का खेल
बुजुर्ग ने जब निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कथित तौर पर और पैसे जमा करने की मांग की। इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि जिस निवेश योजना में उन्होंने रकम लगाई है, वह वास्तविक नहीं है। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने व्हाइटफील्ड CEN क्राइम पुलिस से संपर्क किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तथा अपनी रकम की बरामदगी की मांग की।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें बुजुर्ग से रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, WhatsApp संपर्क और डिजिटल संचार की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस फर्जी निवेश वेबसाइट और उसके संचालन से जुड़े तकनीकी विवरणों की भी जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि पीड़ित से रकम हासिल करने के बाद उसे किन खातों में स्थानांतरित किया गया और इस नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े आकर्षक दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए और अनजान लोगों के साथ निजी या वित्तीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
