पुणे। पुणे के वडगांवशेरी इलाके में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ऑनलाइन विवाह संबंधी ठगी का शिकार हो गई। विवाह वेबसाइट के जरिए संपर्क में आए एक व्यक्ति ने खुद को बेल्जियम का निवासी बताया और कुछ समय तक बातचीत के बाद महिला को भरोसे में ले लिया। इसके बाद उसने विदेश से भेजे गए एक पार्सल में जेवर और 80 हजार अमेरिकी डॉलर होने का दावा किया। पार्सल छुड़ाने और उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर महिला से अलग-अलग मदों में कुल ₹5,87,999 का भुगतान करा लिया गया।
महिला ने गुरुवार को चंदननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पुणे की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है। उसने जनवरी में विवाह वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया था। जुलाई में उसे एक व्यक्ति का विवाह संबंधी अनुरोध मिला। उस व्यक्ति ने खुद को बेल्जियम का रहने वाला बताया और बातचीत के दौरान कहा कि वह भविष्य में पुणे में बसना चाहता है। लगातार बातचीत के कारण महिला को उस पर भरोसा हो गया।
इसके बाद आरोपी ने महिला को बताया कि वह वियतनाम से पुणे की यात्रा कर रहा है और उसने अपना सामान पहले ही भेज दिया है। तीन अगस्त को महिला को एक ईमेल मिला। इसमें दावा किया गया कि उसके लिए भेजा गया पार्सल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंच गया है और उसे आगे भेजने से पहले ₹76,999 आयात शुल्क के रूप में जमा करना होगा।
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महिला ने जब इसकी जानकारी उस व्यक्ति को दी तो उसने कथित तौर पर बताया कि पार्सल में जेवर और 80 हजार अमेरिकी डॉलर रखे हैं। उसने यह भी कहा कि उसने कुछ शुरुआती शुल्क का भुगतान कर दिया है, लेकिन आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए महिला को कथित कूरियर कंपनी के माध्यम से रकम जमा करनी होगी। आरोपी ने अपनी यात्रा में व्यस्त होने का हवाला देकर भुगतान की जिम्मेदारी महिला पर डाल दी।
इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हो गया। महिला को लगातार अलग-अलग ईमेल भेजे गए और पार्सल जारी करने के नाम पर नए-नए शुल्क मांगे गए। कभी बीमा के नाम पर रकम मांगी गई तो कभी शुल्क टिकट, डॉलर को भारतीय मुद्रा में बदलने, जीएसटी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर भुगतान कराया गया।
पुलिस के मुताबिक, तीन अगस्त से 20 अगस्त के बीच महिला ने कुल 15 ऑनलाइन लेनदेन किए। इन लेनदेन के जरिए उससे कुल ₹5,87,999 की रकम जमा कराई गई। हर भुगतान के बाद उसे भरोसा दिलाया जाता रहा कि पार्सल की प्रक्रिया पूरी होने वाली है और जल्द ही उसे जेवर और विदेशी मुद्रा मिल जाएगी।
21 अगस्त को ठगी का एक और चरण शुरू हुआ। महिला को संदेश भेजकर दावा किया गया कि विदेश से आने वाले व्यक्ति को जेवरों के बिल उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। उसे बाहर निकालने के लिए करीब ₹1 लाख अतिरिक्त शुल्क की जरूरत बताई गई। इस तरह महिला से और रकम ऐंठने की कोशिश की गई।
इसके बाद महिला की फोन पर एक ऐसी महिला से बातचीत कराई गई, जिसने खुद को अधिकारी बताया। वह कथित अधिकारी अंग्रेजी में बात कर रही थी। जब पीड़िता ने हिंदी में बातचीत करने की कोशिश की तो उसने हिंदी में बात करने से इनकार कर दिया और अचानक फोन काट दिया। इस व्यवहार से महिला को संदेह हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है।
इसके बाद पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी समझने की कोशिश की और उसे एहसास हुआ कि विदेशी युवक, पार्सल, जेवर, डॉलर और अधिकारी के नाम पर बनाया गया पूरा घटनाक्रम कथित तौर पर उसे भुगतान के लिए मजबूर करने का तरीका था। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में उन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें महिला ने रकम भेजी। साथ ही विवाह वेबसाइट के जरिए आरोपी द्वारा बनाए गए संपर्क और भुगतान के लिए भेजे गए संदेशों तथा ईमेल की भी जांच की जा रही है। घटना एक बार फिर दिखाती है कि ऑनलाइन विवाह संबंधों में विदेश में रहने वाले व्यक्ति द्वारा अचानक महंगे पार्सल, कस्टम शुल्क या आपात स्थिति के नाम पर पैसे मांगे जाने पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
