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पलानी मठ फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले के आरोपी अधिवक्ता की मौत, जेल में बिगड़ी तबीयत के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

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By Roopa
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मदुरै: तमिलनाडु के पलानी मठ भूमि फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में आरोपी अधिवक्ता एस. अनवरदीन की शुक्रवार देर रात स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बाद मौत हो गई। 65 वर्षीय अनवरदीन को मदुरै केंद्रीय जेल में रखा गया था और वह मामले की जांच कर रही CB-CID की तीन दिन की हिरासत में भी रहे थे। शुक्रवार शाम हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें वापस जेल लाया गया था, जहां कुछ घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

जेल विभाग के सूत्रों के अनुसार, पलानी निवासी अनवरदीन 29 जुलाई से मदुरै केंद्रीय जेल में बंद थे। वह पैरालिसिस से पीड़ित थे और चलने-फिरने में कठिनाई के कारण उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई थी। जेल में दाखिल होने के बाद से ही उन्हें जेल अस्पताल में रखा गया था, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी की जा रही थी।

पलानी मठ की जमीन के कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले की जांच CB-CID कर रही है। जांच के दौरान अदालत से अनुमति लेकर एजेंसी ने 6 अगस्त को अनवरदीन को अपनी हिरासत में लिया था। वह तीन दिनों तक CB-CID की हिरासत में रहे। शुक्रवार को हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें शाम करीब 6 बजे दोबारा मदुरै केंद्रीय जेल लाया गया।

जेल सूत्रों के मुताबिक, अनवरदीन पहले से ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें पैरालिसिस के अलावा मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी थी। जेल लौटने के बाद उनकी नियमित चिकित्सा देखभाल जारी रखने के लिए उन्हें फिर से जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे उन्हें अचानक हृदय संबंधी परेशानी हुई और उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।

इसके बाद उन्हें तत्काल सरकारी राजाजी अस्पताल (GRH), मदुरै ले जाया गया। उन्हें रात करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद करीब 10:40 बजे उनकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने घटना की आधिकारिक सूचना मदुरै शहर की करिमेडु पुलिस को दी। प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत का कारण पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं से उत्पन्न जटिलताओं को माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम कारण पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जेल विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मौत के संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। चूंकि आरोपी न्यायिक हिरासत में था और उसकी मौत हिरासत के दौरान हुई, इसलिए मामले में निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। पुलिस तथा संबंधित विभाग मौत की परिस्थितियों और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकते हैं।

अनवरदीन ने मामले में जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और मौत की घटना सामने आई। इससे मामले की जांच के साथ-साथ आरोपी की हिरासत और स्वास्थ्य स्थिति से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित हो गया है।

पलानी अधिवरम पुलिस ने हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग की शिकायत के आधार पर मठ की भूमि के कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन के संबंध में मामला दर्ज किया था। बाद में मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए इसे CB-CID को स्थानांतरित कर दिया गया। जांच एजेंसी अब कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन में शामिल अन्य आरोपियों और दस्तावेजी प्रक्रिया की कड़ियों की जांच कर रही है।

इस मामले में इससे पहले निलंबित सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर मठ की भूमि से जुड़े दस्तावेजों के पंजीकरण, सरकारी रिकॉर्ड में किए गए बदलाव और फर्जी तरीके से संपत्ति के अधिकार से संबंधित प्रक्रियाओं पर है।

एस. अनवरदीन की मौत के बाद पुलिस और जेल प्रशासन द्वारा तैयार किए जाने वाले रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सा दस्तावेज आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल उनकी मौत को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

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