जमाकर्ताओं की रकम कथित तौर पर फर्जी खातों में ट्रांसफर करने का आरोप; प्रधान डाकघर का लिपिक निलंबित, डाक अधीक्षक का भी तबादला

कैलहट डाकघर में ₹46.59 लाख के गबन का खुलासा, डाकपाल समेत चार पर FIR

Roopa
By Roopa
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मिर्जापुर: नरायनपुर उप डाकघर की कैलहट ग्रामीण डाक शाखा में जमाकर्ताओं की रकम में कथित हेराफेरी कर ₹46 लाख 59 हजार 630 के गबन का मामला सामने आया है। विभागीय जांच के बाद चुनार कोतवाली में डाकपाल सलीम खान, उसकी मां साबरा और दो भाइयों साहिद व मोहम्मद जावेद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सहायक डाक अधीक्षक (पश्चिमी) पवन कुमार की तहरीर पर सात अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई। मामले में मिर्जापुर प्रधान डाकघर के लिपिक शिवम बिंद को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, डाक अधीक्षक का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके स्थान पर शनिवार को राजेश कुमार ने कार्यभार संभाल लिया।

विभागीय रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि कैलहट ग्रामीण डाक शाखा में तैनात डाकपाल सलीम खान पर लंबे समय से जमाकर्ताओं की धनराशि में अनियमितता करने का आरोप है। मामला अप्रैल में हुए ऑडिट के दौरान सामने आया। शुरुआती जांच में वित्तीय रिकॉर्ड और खातों में अंतर मिलने के बाद विभाग ने विस्तृत पड़ताल शुरू की। करीब चार महीने तक चली जांच में कथित गबन से जुड़े लेनदेन और खातों की जानकारी जुटाई गई।

परिवार के नाम पर खाते खुलवाने का आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, सलीम खान हरियाणा के नूह मेवात जिले के शहजाद पट्टी गांव का निवासी है। आरोप है कि उसने अपनी मां साबरा और भाइयों साहिद तथा मोहम्मद जावेद के नाम पर इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) में कथित तौर पर फर्जी तरीके से खाते खुलवाए। इसके बाद कैलहट ग्रामीण डाक शाखा में जमा की गई रकम को इन खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप है।

जांच में विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि किन जमाकर्ताओं की रकम इन खातों में भेजी गई और कितनी राशि किस खाते में ट्रांसफर हुई। बैंकिंग रिकॉर्ड, डाकघर के लेनदेन और खातों से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए कथित गबन की पूरी प्रक्रिया को समझने की कोशिश की जा रही है।

चार महीने चली विभागीय जांच

अप्रैल में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड की जांच, खातों के मिलान और लेनदेन की पड़ताल शुरू की गई। करीब चार महीने की जांच के बाद विभाग ने कथित गबन की रकम ₹46,59,630 बताई और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि डाकघर में जमा रकम को दूसरे खातों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया किस स्तर पर संभव हुई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित फर्जी खातों का इस्तेमाल किस तरीके से किया गया और इन लेनदेन में अन्य किसी कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

लिपिक निलंबित, डाक अधीक्षक का तबादला

मामले में विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की है। मिर्जापुर प्रधान डाकघर में तैनात लिपिक शिवम बिंद को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर उसकी भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

वहीं, मिर्जापुर के डाक अधीक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके स्थान पर शनिवार को राजेश कुमार ने कार्यभार संभाल लिया। विभाग की ओर से यह कदम मामले में सामने आई अनियमितताओं के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उठाया गया है।

पुलिस खंगालेगी बैंकिंग और डाक रिकॉर्ड

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच करेगी। आरोपियों के नाम पर खुले इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक खातों के लेनदेन, डाकघर के रिकॉर्ड, जमाकर्ताओं के खातों और धनराशि के ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित तौर पर गबन की गई रकम बाद में कहां गई और उसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

फिलहाल मामला विभागीय जांच के बाद दर्ज हुआ है और पुलिस आरोपों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि ₹46.59 लाख की रकम किस तरीके से निकाली गई और इस कथित गबन में कितने लोग शामिल थे।

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