400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज; अभ्यर्थियों को ₹80 लाख में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव देने का आरोप, निलंबित आईएएस अधिकारी से लगातार संपर्क में था संदिग्ध

कर्नाटक पशु चिकित्सक भर्ती घोटाले में अहम संदिग्ध गिरफ्तार, दिल्ली हवाईअड्डे पर पकड़ा गया

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By Roopa
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बेंगलुरु। कर्नाटक में 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों के पदों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे अपराध जांच विभाग (CID) ने मामले के एक अहम संदिग्ध को दिल्ली हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बसवराज कन्नाले के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह कथित तौर पर अभ्यर्थियों और प्रभावशाली लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कन्नाले रविवार को उज्बेकिस्तान जाने की तैयारी में था, तभी उसे नई दिल्ली हवाईअड्डे पर रोक लिया गया।

कन्नाले को हिरासत में लिए जाने के बाद पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे मंगलवार को बेंगलुरु की अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। मामले में उसकी गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि जांचकर्ताओं को उसके संपर्कों और भर्ती प्रक्रिया में कथित भूमिका से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

अभ्यर्थियों से ₹80 लाख लेने का आरोप

जांच से जुड़े आरोपों के अनुसार, कन्नाले कथित तौर पर ऐसे अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देता था जो कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती प्रक्रिया में शामिल थे। आरोप है कि पशु चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से करीब ₹80 लाख तक की रकम मांगी जाती थी।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर रकम किस माध्यम से मांगी या एकत्र की गई, किन लोगों तक पहुंची और भर्ती प्रक्रिया के किन चरणों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कन्नाले ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया था और क्या उसने किसी अन्य व्यक्ति या समूह के साथ मिलकर कथित नेटवर्क बनाया था।

गिरफ्तार आईएएस अधिकारी से संपर्क की भी जांच

मामले में कन्नाले के संपर्कों का एक महत्वपूर्ण पहलू निलंबित आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से उसका कथित संपर्क है। जांच के दौरान दोनों के बीच लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आने के बाद इस कड़ी की भी पड़ताल की जा रही है।

कर्नाटक लोक सेवा आयोग से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले से जांच चल रही है। इसी मामले में निलंबित KPSC अध्यक्ष साहूकार एस. शिवशंकरप्पा ने अग्रिम जमानत के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया है। इसी याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सोमवार को राज्य के लोक अभियोजक बी.एन. जगदीश ने अदालत को कन्नाले की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

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उज्बेकिस्तान जाने से पहले हवाईअड्डे पर पकड़ा गया

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कन्नाले रविवार को दिल्ली के हवाईअड्डे पर मौजूद था और उसके पास उज्बेकिस्तान की यात्रा से जुड़े दस्तावेज थे। वह देश से बाहर जाने की तैयारी में था। जांच एजेंसी ने उसे रोककर हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

जांचकर्ता अब उसके यात्रा दस्तावेजों, मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य डिजिटल तथा वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर सकते हैं। इससे कथित भर्ती घोटाले में उसकी भूमिका और अन्य संदिग्धों से उसके संबंधों की जानकारी मिलने की संभावना है।

भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की परतें खुलने की उम्मीद

CID की जांच का केंद्र फिलहाल 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े संभावित लेनदेन पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अभ्यर्थियों को प्रभावित करने, परीक्षा या चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने अथवा नियुक्ति सुनिश्चित कराने के नाम पर पैसे लिए गए।

कन्नाले की गिरफ्तारी के बाद जांच में कथित बिचौलियों की भूमिका और उनके प्रभावशाली संपर्कों पर भी ध्यान बढ़ सकता है। एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि क्या ₹80 लाख की कथित मांग केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित थी या इसके पीछे व्यापक भर्ती नेटवर्क काम कर रहा था।

फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है। कन्नाले की गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, बिचौलियों की भूमिका और अन्य संदिग्धों के बीच संबंधों को जोड़ने में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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