रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC CGL) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने कोडरमा से दो ऐसे लोगों को हिरासत में लिया है, जिन पर परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे वसूलने का संदेह है। दोनों को रांची लाकर पूछताछ की गई। इसके अलावा सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने परीक्षा में सफल 28 अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की है। जांच का दायरा अब संदिग्ध बिचौलियों, सफल अभ्यर्थियों और कथित वसूली से जुड़े लोगों तक बढ़ गया है।
सीआईडी की एक टीम ने कोडरमा के पूर्णानगर निवासी संदीप कुमार को हिरासत में लिया। दूसरी टीम ने डोमचांच के गोलवढाब निवासी राजेश यादव को पकड़ा। दोनों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका सफल अभ्यर्थियों से किस तरह का संपर्क था और क्या उन्होंने परीक्षा में कथित गड़बड़ी के नाम पर किसी से रकम ली थी। जांच में भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों संदिग्धों को रांची लाकर पूछताछ की गई। इसी दौरान सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने JSSC CGL परीक्षा में सफल 28 अभ्यर्थियों से भी जानकारी ली। जांच एजेंसी उनके बयानों के साथ-साथ संदिग्ध लोगों से उनके संपर्क और संभावित आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किसी अभ्यर्थी ने परीक्षा में सफलता के लिए कथित तौर पर किसी व्यक्ति या समूह से संपर्क किया था या नहीं।
मामले में धर्मेंद्र कुमार की भूमिका की भी जांच चल रही है। सीआईडी ने शुक्रवार को धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की। इस दौरान उसे अभय तिवारी के आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए गए। जांच एजेंसी दोनों के बीच कथित संबंध और परीक्षा में हुई गड़बड़ी में उनकी संभावित भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
जांच का दायरा बेंगाबाद प्रखंड तक भी पहुंच गया है। सीआईडी ने यहां JSSC CGL परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दो दिन पहले अलग-अलग गांवों में इन अभ्यर्थियों के घर नोटिस तामील कराया गया। इनमें मोतीलेदा के सिजुआ, ताराटांड़ पंचायत के बड़ियाबाद और बदवारा के मुरगुमी समेत एक अन्य गांव के अभ्यर्थी शामिल हैं। स्थानीय पुलिस की ओर से इस कार्रवाई पर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है कि बेंगाबाद निवासी समीर उर्फ शालू की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने यह कार्रवाई तेज की। समीर की कथित भूमिका सामने आने के बाद जांच एजेंसी अब उन अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिनका उससे किसी तरह का संपर्क रहा हो सकता है।
सीआईडी की सक्रियता बेंगाबाद में पहले से जारी है। कथित परीक्षा गड़बड़ी के प्रमुख संदिग्ध अभय तिवारी के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित ससुराल में छापेमारी के बाद से जांच टीम यहां लगातार गतिविधियां चला रही है। जांच एजेंसी अब उसके संपर्क में रहे लोगों और संभावित बिचौलियों की भूमिका खंगाल रही है।
ताजा कार्रवाई से स्पष्ट है कि जांच केवल कुछ संदिग्धों तक सीमित नहीं है। सफल अभ्यर्थियों, कथित बिचौलियों और रकम की वसूली से जुड़े लोगों के बीच संबंधों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर रकम का लेनदेन हुआ था या नहीं, यदि हुआ तो किसने रकम ली या पहुंचाई और परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए किसी तरह की अनधिकृत व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
सीआईडी अब पूछताछ से मिली जानकारी, संदिग्धों के संपर्क और संभावित वित्तीय लेनदेन का मिलान कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।
