अमेरिका में भारतीय मूल के लैब संचालक पर डॉक्टरों की पहचान का कथित दुरुपयोग कर Medicare को 93 मिलियन डॉलर के दावे भेजने का आरोप लगा है।

डॉक्टरों की पहचान चुराकर मेडिकेयर को लगाया ₹8,000 करोड़ से ज्यादा का चूना, भारतीय पर गंभीर आरोप

Team The420
5 Min Read

नई दिल्ली। अमेरिका के टेक्सास में भारतीय मूल के एक प्रयोगशाला संचालक पर सरकारी स्वास्थ्य योजना मेडिकेयर के साथ बड़े पैमाने पर कथित धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। संघीय अधिकारियों के मुताबिक, 46 वर्षीय खदीर खान मोहम्मद ने आनुवंशिक जांच के नाम पर करीब 93 मिलियन डॉलर के ऐसे दावे प्रस्तुत कराए, जो कथित तौर पर भुगतान की निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इनमें से मेडिकेयर ने कम से कम 63 मिलियन डॉलर का भुगतान किया। जांच के दौरान मोहम्मद के नियंत्रण वाले बैंक खातों से करीब 6 मिलियन डॉलर की राशि भी जब्त की गई।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद टेक्सास के रिचर्डसन में अमेरिकन प्रीमियर लैब्स एलएलसी का मालिक था। आरोप है कि उसने अगस्त 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच उत्तरी टेक्सास और अन्य क्षेत्रों में इस कथित योजना को संचालित किया। मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके वित्तीय लेनदेन और मेडिकेयर को भेजे गए आनुवंशिक परीक्षण संबंधी दावों की पड़ताल की।

जांच में आरोप लगाया गया कि प्रयोगशाला के माध्यम से मेडिकेयर को ऐसे आनुवंशिक परीक्षणों के दावे भेजे गए, जो प्रतिपूर्ति के लिए पात्र नहीं थे। कुछ परीक्षणों का कथित तौर पर अधिकृत चिकित्सकों ने आदेश ही नहीं दिया था। इसके अलावा ऐसे परीक्षणों के लिए भी दावे प्रस्तुत किए गए, जिनके परिणाम संबंधित मरीजों के उपचार में इस्तेमाल नहीं किए गए थे।

FCRF Launches India-Focused BFSI Compliance Certification for Emerging Governance Professionals

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू चिकित्सकों की व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, मोहम्मद ने कई चिकित्सकों की पहचान संबंधी जानकारी उनकी जानकारी या सहमति के बिना इस्तेमाल की। उनके नाम और पहचान का उपयोग मेडिकेयर लाभार्थियों के आनुवंशिक परीक्षणों से जुड़े दावे प्रस्तुत करने में किया गया।

आरोप है कि जिन मरीजों के लिए इन चिकित्सकों के नाम का इस्तेमाल किया गया, उनका संबंधित डॉक्टरों के साथ कोई उपचार संबंध नहीं था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन चिकित्सकों ने न तो कथित परीक्षणों का आदेश दिया था और न ही उनके परिणाम मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किए थे। इसके बावजूद उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करके मेडिकेयर से भुगतान हासिल करने के लिए दावे भेजे गए।

अधिकारियों के मुताबिक, कथित फर्जी दावों की कुल राशि करीब 93 मिलियन डॉलर थी। इसमें से मेडिकेयर ने कम से कम 63 मिलियन डॉलर का भुगतान किया। करीब 13 मिलियन डॉलर का भुगतान कथित तौर पर 2023 में केवल 10 दिनों की अवधि के दौरान हुआ। इससे जांच एजेंसियों को संदेह है कि कथित योजना बहुत तेजी से बड़े पैमाने पर भुगतान हासिल करने के लिए संचालित की जा रही थी।

जांच के दौरान अधिकारियों ने मोहम्मद के नियंत्रण वाले बैंक खातों से करीब 6 मिलियन डॉलर जब्त किए। यह कार्रवाई कथित धोखाधड़ी से हासिल धन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियां प्रयोगशाला के संचालन, मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड, चिकित्सकों की पहचान के इस्तेमाल और मेडिकेयर को भेजे गए दावों के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं।

मोहम्मद के खिलाफ अमेरिकी संघीय मामला अभी लंबित है। अधिकारियों ने उसे फरार घोषित किया है और उनका मानना है कि वह भारत में हो सकता है। उसके हैदराबाद में होने की संभावना जताई गई है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से मामले में गिरफ्तारी या अदालत में दोषसिद्धि की जानकारी सामने नहीं आई है।

चूंकि मामला अभी अदालत में लंबित है, मोहम्मद को कानूनी रूप से तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हो जाते। फिलहाल अमेरिकी जांच एजेंसियों का ध्यान कथित फर्जी दावों, चिकित्सकों की पहचान के कथित इस्तेमाल और मेडिकेयर से हुए भुगतानों की पूरी श्रृंखला का पता लगाने पर है।

यह मामला अमेरिकी स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था में पहचान संबंधी जानकारी के दुरुपयोग और फर्जी चिकित्सकीय दावों के बड़े खतरे को भी सामने लाता है। आनुवंशिक जांच जैसी महंगी चिकित्सकीय सेवाओं के नाम पर फर्जी दावे तैयार कर सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से भुगतान हासिल करने की कोशिश से न केवल सरकारी धन को नुकसान होता है, बल्कि मरीजों और चिकित्सकों की निजी जानकारी के दुरुपयोग का जोखिम भी बढ़ जाता है।

हमसे जुड़ें

Share This Article